प्रदर्शनकारियों पर भड़के ट्रंप, बोले- व्हाइट हाउस की सुरक्षा भंग करने वालों का स्वागत 'खूंखार कुत्तों' से होता

मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर सोमवार को वाशिंगटन समेत देश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन बढ़ गए हैं. व्हाइट हाउस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया क्योंकि दोपहर में सैकड़ों लोग लाफयेट स्क्वायर में सड़क पर इकट्ठा हो गए थे.

प्रदर्शनकारियों पर भड़के ट्रंप, बोले- व्हाइट हाउस की सुरक्षा भंग करने वालों का स्वागत 'खूंखार कुत्तों' से होता
फाइल फोटो.

न्यूयॉर्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार को कहा कि अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने अगर व्हाइट हाउस (White House) की सुरक्षा भंग की होती तो उनका 'स्वागत सबसे खूंखार कुत्तों और सबसे खतरनाक हथियारों से किया जाता.' 

मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर वॉशिंगटन समेत देश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. व्हाइट हाउस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया क्योंकि दोपहर में सैकड़ों लोग लाफयेट स्क्वायर में सड़क पर इकट्ठा हो गए थे. प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद वो एक बार फिर इकट्ठा हुए और अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे जुड़े कई वीडियो में भी सामने आए.

ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट कर ट्रंप ने अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों की प्रशंसा की जिन्होंने व्हाइट हाउस की सुरक्षा की.

उन्होंने कहा- 'मैं अंदर था, और हर हरकत को देख रहा था, और मैं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा था. भीड़ को सुनियोजित ढंग से संगठित किया गया था, लेकिन कोई भी बाड़ तोड़ने के लिए करीब नहीं आया. और अगर आता तो उनका स्वागत सबसे खूंखार कुत्तों और सबसे खतरनाक हथियारों से किया जाता. कई सीक्रेट सर्विस एजेंट तो सिर्फ कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.'

शुक्रवार को ट्रंप ने एक ट्वीट किया जिसपर ट्रंप की आलोचना की गई और उस ट्वीट पर ट्विटर ने चेतावनी भी दी. ट्रंप ने कहा था- 'जब लूट शुरू होती है, तो गोलीबारी भी शुरू होती है. (When the looting starts, the shooting starts). ट्विटर ने ट्रंप के इस ट्वीट को नियमों के खिलाफ बताया. 

ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी के मेयर म्यूरियल बोउसर पर अमेरिकी गुप्त सेवा की मदद करने के लिए पुलिस भेजने से इनकार करने का आरोप भी लगाया, हालांकि वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया कि शहर के अधिकारियों ने बाद में प्रदर्शन को नियंत्रित करने में मदद की थी.

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इस बीच, जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या को लेकर पूरे अमेरिका में विरोध फैल गया. लुइसविले से अटलांटा तक, प्रदर्शनकारी पुलिस की बर्बरता के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे थे. 

एक अश्वेत की हत्या के बाद भड़के थे दंगे

आपको बता दें कि अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनीपोलिस शहर में एक अश्वेत की पुलिस के हाथों मौत के बाद दंगे भड़क गए. पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ कर आग लगाई गई. कुछ जगहों पर लूटपाट हुई. हालात बिगड़ते देख गवर्नर टिम वॉल्ज ने इमरजेंसी लगा दी. 26 मई को एक अश्वेत जार्ज फ्लायड को पुलिस ने धोखाधड़ी के मामूली आरोप में गिरफ्तार किया. इस दौरान एक पुलिस अफसर उसे सड़क पर उल्टा लिटाकर पांच मिनट तक घुटने से उसकी गर्दन दबाए रहा था. उसके हाथों में हथकड़ी थी. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था. 40 साल का जॉर्ज लगातार पुलिस अफसर से घुटना हटाने की गुहार लगाता रहा था.