'ट्रंप दिमागी तौर पर अस्थिर, राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने के योग्य नहीं'

'अनफिट: द साइकोलॉजी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप' नाम से इस डॉक्यूमेंट्री को मंगलवार को रीलीज किया गया है. दावा किया गया है कि यह डॉक्यूमेंट्री राजनीति से प्रेरित नहीं है.

'ट्रंप दिमागी तौर पर अस्थिर, राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने के योग्य नहीं'
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

न्यूयॉर्क: अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे वहां सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है. इस क्रम में मनोवैज्ञानिकों के बयान पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है. इस डॉक्यूमेंट्री में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'घातक नार्सिसिस्ट' करार दिया गया है.

'अनफिट: द साइकोलॉजी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप' नाम से इस डॉक्यूमेंट्री को मंगलवार को रीलीज किया गया है. दावा किया गया है कि यह डॉक्यूमेंट्री राजनीति से प्रेरित नहीं है.

फिल्म कई मनोवैज्ञानिकों के इंटरव्यू पर आधारित है. मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह उनका कर्तव्य है कि वे अमेरिकी जनता को ट्रंप की मानसिक स्थिति के बारे में अवगत कराएं.

मनोवैज्ञानिक जॉन गार्टनर के अनुसार, ट्रंप स्पष्ट रूप से घातक अहंकार के चार प्रमुख लक्षणों को प्रदर्शित करते हैं - "सबसे ज्यादा खतरनाक" पर्सनैलिटी टाइप है- जिसमें पैरानोइआ, नार्सिसिस्म (narcissism) यानी अहंकार, असामाजिक व्यक्तित्व विकार (Antisocial Personality Disorder) और दुखवाद (Sadism) शामिल है.

गार्टनर ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, 'इस प्रकार के नेता हमेशा असाधारण रूप से हानिकारक होते हैं, ये सारी कमियां हिटलर, स्टालिन और मुसोलिनी में भी मौजूद थीं.'

'गौर करने वाली बात यह है कि हम अमेरिका में इस प्रकार के नेता को देखने के आदी नहीं हैं.'

बताते चलें कि इससे पहले एक ऐसा ही सर्वे रिपब्लिकन उम्मीदवार बैरी गोल्डवाटर पर किया गया था. इस सर्वे को प्रकाशित करने वाली पत्रिका के खिलाफ बैरी गोल्डवाटर ने केस किया था. सर्वे में मनोचिकित्सकों ने गोल्डवाटर के 1964 में असफल होने के दौरान उनके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अनुमान लगाया गया था.

इसके बाद मनोरोग समुदाय ने एकमत राय दी थी कि एक व्यक्ति का परीक्षण किए बिना उसके बारे में पेशेवर राय देना ठीक नहीं है. हालांकि गार्टनर इससे वास्ता नहीं रखते हैं और इसे बीते दिनों की बात बताते हैं.

गार्टनर का तर्क है कि मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की तब आवाज उठाना मजबूरी बन जाती है जब एक मरीज की बीमारी दूसरों को परेशान करती है और यहां तो अमेरिकी जनता के हित की बात है.

गार्टनर ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि वह (डोनाल्ड ट्रंप) हिटलर जैसे बुरे हैं या कि वह हिटलर के बराबर हैं, लेकिन उनका अंदाज हिटलर के समान ही है.'

डोनाल्ड ट्रंप की मनोवैज्ञानिक भतीजी मैरी ट्रंप की हाल ही में एक किताब आई है, जिसमें उन्होंने ट्रंप के खिलाफ जमकर लिखा है. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की किताब 'आर्ट ऑफ द डील' के सह-लेखक ने कहा है कि उनकी पुस्तक का शीर्षक "द साइकोपैथ" होना चाहिए.

इन आरोपों को दरकिनार करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद को बहुत स्थिर प्रतिभा वाला व्यक्ति बताया है.

ट्रंप को दिमागी रूप से अस्वस्थ कहने वालों में व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन बॉस एंथनी स्करमूची और जॉर्ज कॉनवे भी शामिल हैं- जिनकी पत्नी केली ने हाल ही में घोषणा की कि वह राष्ट्रपति के लंबे समय से सलाहकार के रूप में पद छोड़ रही हैं.

निर्देशक डैन पार्टलैंड के अनुसार कई राजनेताओं को मानसिक समस्याएं हैं जो खतरनाक नहीं हैं.

फिल्म से पता चलता है कि अमेरिका में जब गृह युद्ध छिड़ा था तो अब्राहम लिंकन अवसाद से जूझ रहे थे और बिल क्लिंटन को हाइपोमेनिया है जो उनकी सफलता में चार चांद लगाने का काम किया.