रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई 90 मिनट की बैठक के दौरान भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने की बात कही। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच बाजार तक पहुंच और वीजा से जुड़ी ‘चुनौतियों’ सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पुतिन ने कहा, ‘मैं सहयोग को विकसित करने का इच्छुक हूं।’ ब्रिक्स और एससीओ शिखर सम्मेलनों में शिरकत के लिए भारतीय प्रधानमंत्री के तीन दिन की रूस यात्रा पर पहुंचने के तुरंत बाद मोदी और पुतिन ने करीब 90 मिनटों तक मुलाकात की।

रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही

उफा (रूस) : रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई 90 मिनट की बैठक के दौरान भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने की बात कही। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच बाजार तक पहुंच और वीजा से जुड़ी ‘चुनौतियों’ सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पुतिन ने कहा, ‘मैं सहयोग को विकसित करने का इच्छुक हूं।’ ब्रिक्स और एससीओ शिखर सम्मेलनों में शिरकत के लिए भारतीय प्रधानमंत्री के तीन दिन की रूस यात्रा पर पहुंचने के तुरंत बाद मोदी और पुतिन ने करीब 90 मिनटों तक मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें भारतीय संस्कृति में बहुत दिलचस्पी है। प्राथमिक रूप से ब्रिक्स और एससीओ की बैठक के लिए यहां आए मोदी ने हुए अपने स्वागत के लिए पुतिन को धन्यवाद दिया। भारत और रूस के बीच निकट संबंधों के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वाषिर्क द्विपक्षीय सम्मेलन के लिए वह इस वर्ष फिर यहां आएंगे।

उन्होंने 21 जून को रूस में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने को लेकर पुतिन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह रूस के सभी शहरों में आयोजित किया गया था। मोदी ने कहा कि योग आने वाली पीढ़ी को समग्र स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराएगा।

इसके जवाब में पुतिन ने कहा, ‘मुझे नहीं पता योग कैसे करते हैं। जब आपलोग करते हैं, तो यह बहुत मुश्किल लगता है। इसलिए मैंने कभी प्रयास नहीं किया।’ बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा, ‘संबंधों की सम्पूर्ण समीक्षा हुई। अर्थव्यवस्था और व्यापार मुद्दों, बाजार तक पहुंच और वीजा के क्षेत्र में चुनौतियों आदि पर काफी चर्चा हुई। उन्होंने यूरेशियन आर्थिक जोन के साथ एफटीए पर हुई प्रगति पर भी बातचीत की।’ जयशंकर ने कहा, दोनों नेताओं ने सैन्य और असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की, जिसमें ‘रूस एक महत्वपूर्ण साझेदार है’ और अन्य संभावनाओं पर भी बातचीत की।

विदेश सचिव एस. जयशंकर ने बताया कि नरेन्द्र मोदी और ब्लादिमिर पुतिन ने हाइड्रोकार्बन और संपर्क में दीर्घकालीन सहयोग की भी समीक्षा की। रूस द्वारा तमिलनाडु में बनाए जा रहे कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की तीसरी और चौथी ईकाई के संबंध में सवाल करने पर भारतीय राजदूत पी. एस. राघवन ने कहा कि काम चल रहा है।

पश्चिम बंगाल के हरीपुर में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र के लिए दूसरा स्थान देने के रूस के अनुरोध के संबंध में पूछने पर जयशंकर ने कहा कि मुद्दे की सक्रिय और सकारात्मक तरीके से समीक्षा की गयी। इस संयंत्र का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने व्यापार और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा किया। यह पूछने पर कि मोदी ने रूस द्वारा पाकिस्तान को की जा रही रक्षा आपूर्ति का मुद्दा उठाया या नहीं, विदेश सचिव ने कहा कि समय की कमी के कारण बातचीत सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित रहा।