UNSC में पकिस्तान- चीन की चाल नाकाम , सभी देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताया

चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को कश्मीर मुद्दे को उठाने के अपने नवीनतम प्रयास में पूरी तरह से से नाकाम रहा . अमेरिका ने सीमा पार आतंकवाद की ओर इशारा करते हुए कश्मीर मुद्दे पर चर्चा का विरोध किया . 

UNSC में पकिस्तान- चीन की चाल नाकाम , सभी देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताया
फाइल फोटो

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर चीन ,कश्मीर मुद्दे को उठाने के अपने प्रयास में पूरी तरह से नाकाम रहा. इस मुद्दे पर पकिस्तान के साथ चीन की भी फजीहत हुई . बंद कमरे में हुई अनौपचारिक वार्ता (meeting) में शामिल सभी देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताया . कश्मीर को लेकर इन देशों ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया . साथ ही परिषद ने कहा कि ये मुद्दा ऐसा नहीं है, जिसपर समय और ध्यान दिए जाने की जरूरत हो . 

चीन हर कदम पर पाकिस्तान का साथ देने वाला देश है . चीन ने सुरक्षा परिषद में जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की अपील की. भारत द्वारा बीते साल 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा खत्म कर दिया गया था. जिसकी बुधवार को वर्षगांठ थी. विशेष दर्जा के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया. जिसके बाद लगातार पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को वापस लेने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने को लेकर भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने की कोशिश में लगा है . 

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से बताया है कि अनुच्छेद 370 का मामला भारत का आंतरिक मामला था. पाकिस्तान को वास्तविकता स्वीकार करने और सभी भारत विरोधी प्रचार को रोकने की सलाह भी दी. सूत्रों के मुताबिक , अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और रूस ने बुधवार को अनौपचारिक बैठक में भारत का मजबूत बचाव किया और इस मामले पर UNSC में चर्चा होने का विरोध किया .  

रूस ने 1972 के शिमला समझौते का उल्लेख किया, जिसके तहत दोनों देश अपने विवादों में दूसरे देशों को शामिल किए बिना द्विपक्षीय रूप से निपटाने के लिए सहमत हुए थे . परिषद इसके लिए नहीं है. बैठक में अमेरिका इस बात पर अडिग था कि परिषद द्वारा कोई प्रेस वक्तव्य नहीं होना चाहिए या कोई भी बातचीन बाहर नहीं जाना चाहिए .अन्य देशों ने इसका समर्थन किया.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन के स्थायी मिशन के प्रवक्ता ने कश्मीर पर सुरक्षा परिषद में हुई चर्चा को लेकर कहा कि, 'भारत और पाकिस्तान दोनों चीन के अनुकूल पड़ोसी और विकासशील देश हैं '. बैठक में अमेरिका की तरफ से कोरोना वायरस का मुद्दा उठाया गया जिसमे अमेरिका ने चीन पर निशाना साधा. 

यह दूसरी बार है जब चीन और पकिस्तान के द्वारा कश्मीर मुद्दे को भुनाने की कोशिश की गई है , लेकिन भारत को अधिकतम समर्थन मिलने के कारण चीन को तिरस्कृत होना पड़ा. इतना ही नहीं चीन को उइगरों के दमन और मुस्लिम अल्पसंख्यक के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए अंतरराष्ट्रीय आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है. लद्दाख में भारतीय सैनिकों के साथ चीनी सेना के झड़प को लेकर भी चीन की आलोचना हो रही है .