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रिपब्लिकन मेमो जारी होने से डोनाल्ड ट्रंप, एफबीआई के बीच बढ़ी कड़वाहट

मेमो में कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर राष्ट्रपति चुनाव में रूस के दखल मामले में ट्रंप के प्रचार अभियान के एक पूर्व सलाहकार के खिलाफ जांच पर अदालत को गुमराह करने के आरोप हैं.

रिपब्लिकन मेमो जारी होने से डोनाल्ड ट्रंप, एफबीआई के बीच बढ़ी कड़वाहट
रिपब्लिकन राष्ट्रीय समिति की शीतकालीन सभा को संबोधित करते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (Reuters/2 Feb, 2018)

वॉशिंगटन: विवादास्पद रिपब्लिकन मेमो जारी होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एफबीआई के बीच कड़वाहट बढ़ गई है. राष्ट्रपति ने जहां एक ओर इसे ‘कंलक’ बताया वहीं खुफिया एंजेसी के प्रमुख ने अपने एजेंटों को बचाने का संकल्प लिया है. शुक्रवार (2 फरवरी) को जारी हुए मेमो में कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर राष्ट्रपति चुनाव में रूस के दखल मामले में ट्रंप के प्रचार अभियान के एक पूर्व सलाहकार के खिलाफ जांच पर अदालत को गुमराह करने के आरोप हैं. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने एक बयान जारी करके कहा, ‘‘यह मेमो सरकार के घुसपैठ निगरानी उपकरण का अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ इस्तेमाल के न्याय विभाग और एफबीआई के शीर्ष स्तर पर लिए गए निर्णय की सत्यनिष्ठा पर गंभीर चिंता पैदा करता है.’’

न्याय विभाग और एफबीआई पर बरसे डोनाल्ड ट्रंप, डेमोक्रेट पार्टी के लिए पूर्वाग्रही होने का आरोप मढ़ा

ट्रंप ने मेमो की विषयवस्तु को 'कंलक' बताया
सैंडर्स ने कहा कि मेमो जारी करने का निर्णय राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से प्राप्त जानकारी के बाद लिया गया था. सारा ने कहा, ‘....जिनके लिए राष्ट्रपति के मन में बेहद आदर है. वह खासतौर पर उनके शुक्रगुजार हैं जो कि अमेरिका को सुरक्षित रखने और अमेरिकियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के साथ ही हमारे कानून को बनाए रखने के लिए दिन रात काम करते हैं.’ ट्रंप ने मेमो की विषयवस्तु को 'कंलक' करार दिया. उन्होंने मेमो जारी होने पर कहा, ‘बहुत सारे लोगों को अपने ऊपर शर्मिंदगी होगी.’ ट्रंप के बचाव में कांग्रेस सदस्य डाना रेहराबाचेर ने कहा कि मेमो ‘सत्य को सामने लाता’ है.

एफबीआई ने सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा
इस विवाद में हालाकि एफबीआई ने सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन निदेशक क्रिस्टोफर रे ने अपने कर्मचारियों को वाडियो जारी करके और पत्र लिख कर इस विवाद से विचलित नहीं होने का आग्रह किया. रे ने कहा, 'अमेरिकी जनता समाचार पत्र पढ़ती है, वे टीवी और सोशल मीडिया पर अनेक चर्चाएं सुनते हैं. लेकिन आप समुदायों को सुरक्षित रखने, हमारे देश को सुरक्षित रखने, आप जो संवेदनशील मसलों से अकसर जूझते हैं और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने का जो काम करते हैं उसे वे देखते हैं और महसूस करते हैं.'

संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप इस मेमो के आधार पर रूसी जांच में शामिल लोगों जिनमें डिप्टी अटॉर्नी जनरल रोड जे रोसेनस्टीन शामिल हैं, को बर्खास्त करेंगे अथवा नहीं. लेकिन डेमोक्रेटिक सदस्यों ने न्याय विभाग में किसी भी बर्खास्तगी के प्रति आगाह किया है. उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी कदम से संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि ‘कश मेमो’ एबीआई की नकारात्मक क्षवि पेश करता है. मेमों मे आरोप लगाए गए हैं कि ऐजेंसी ने डेमोक्रेटिक पार्टी और उसकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की ट्रंप के खिलाफ मदद की थी. हालाकि ट्रंप यह चुनाव जीत गए थे. रिपोर्ट में कहा गया कि इस मेमो को रीप्रजेंटेटिव डेविन नन्स कमेटी के स्टाफ मेंबर पेटेल ने प्रारंभिक तौर पर तैयार किया है. हालांकि नन्स के कार्यालय जहां पटेल काम करते हैं ने इस रिपोर्टों को खारिज किया है. वहीं पटेल ने किसी प्रश्न का कोई उत्तर नहीं दिया.