Lung Cancer: लोगों को तेजी से खत्म करती जा रही है ये बड़ी बीमारी, जानिए कैसे कर सकते हैं बचाव

ब्रिटेन ही नहीं दुनिया भर में लंग कैंसर  (Lung Cancer) के बढ़ते मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस बीमारी में फंसने वाले 100 में से 96 लोग अपनी जान गंवा देते हैं.

Lung Cancer: लोगों को तेजी से खत्म करती जा रही है ये बड़ी बीमारी, जानिए कैसे कर सकते हैं बचाव
सीटी स्कैन मशीन (फाइल फोटो)

लंदन: यदि आप नियमित रूप से CT स्कैन करवाते रहते हैं तो लंग कैंसर (Lung Cancer) के 70 प्रतिशत मामले पहली स्टेज में ही पकड़े जा सकते हैं. शुरू में ही डिटेक्ट हो जाने पर दुनिया में हजारों लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है. ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के एक रिसर्च में यह दावा किया गया है. 

धूम्रपान करने वालों की सीटी स्कैन की मांग

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स (UCLH) की ओर से किए गए रिसर्च में पाया गया कि जब लंग कैंसर (Lung Cancer) पहले या दूसरे चरण में होता है तो CT स्कैन से फेफड़ों में बढ़ रही इस बीमारी को डिटेक्ट किया जा सकता है. नई रिसर्च रिपोर्ट सामने आने के बाद ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञ मांग कर रहे हैं कि धूम्रपान करने वाले और पूर्व में उसे छोड़ चुके लोगों के रूटीन सीटी स्कैन कराने की व्यवस्था की जाए. 

रिसर्च से कैंसर के इलाज में सफलता मिलेगी !

रिसर्च टीम के सीनियर इन्वेस्टिगेटर Dr Sam Janes ने कहा कि इस रिपोर्ट से फेफड़ों के कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा कि लंग कैंसर (Lung Cancer) के मामलों में अभी तक उसे पूर्व में ही डिटेक्ट करने और पीड़ित के इलाज की व्यवस्था नहीं थी. लेकिन अब इस पर काम किया जा सकेगा. 

पहले पता चल जाए तो बच सकती है 10 में से 7 की जान

The Guardian की रिपोर्ट के मुताबिक Dr Sam Janes ने कहा, 'यह जानना महत्वपूर्ण है कि सीटी स्कैनिंग कितनी प्रभावी है. UCLH में मेरे फेफड़े के कैंसर क्लिनिक में पाया गया कि वहां आने वाले प्रत्येक 10 में से 7 लोगों में लंग कैंसर (Lung Cancer) है और वह लाइलाज हो चुका है. वहीं यदि उनके लंग कैंसर को पहले ही डिटेक्ट कर लिया जाता तो प्रत्येक 10 में से 7 मरीजों को बचाया जा सकता था. 

55-78 आयु वर्ग के लोगों में बढ़े लंग कैंसर के मामले

रिसर्च रिपोर्ट में पाया गया कि उत्तर मध्य और उत्तर-पूर्व लंदन में धूम्रपान करने वाले 55-78 आयु वर्ग के 12 हजार 100 लोगों में फेफडों का कैंसर पाया गया. वहीं धूम्रपान छोड़ चुके लोगों में फेफड़ों के कैंसर के 180 मामले पाए गए. इनमें से अधिकतर लोग निम्न मध्य तबके रहने वाले थे.  

ब्रिटेन का सबसे बड़ा कैंसर किलर है लंग कैंसर

यूके लंग कैंसर गठबंधन के सलाहकार समूह के चेयरमैन Dr Robert Rintoul ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब इंग्लैंड में फेफड़े के कैंसर (Lung Cancer) की जांच का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि फेफड़ों का कैंसर ब्रिटेन में सबसे बड़ा 'कैंसर किलर' है. यदि शुरुआती तौर पर ही इसका पता चल जाए और तुरंत इलाज शुरू हो जाए तो हम ज्यादा जानें बचा सकते हैं. यदि लंग कैंसर का तुरंत डिटेक्शन हो जाए तो इससे मरने वाले पुरुषों की संख्या में 25 फीसदी और महिलाओं में 30-40 फीसदी मौतें कम की जा सकती है. इस रिसर्च रिपोर्ट के निष्कर्ष इस साल के अंत में प्रकाशित होने वाले हैं. 

ये भी पढ़ें- दिल्ली: सांसों में जहर घोलती हवा- 28 साल से कम उम्र में फेफड़ों के कैंसर का पहला मामला

सुपर मार्केटों में खड़े हैं सीटी स्कैन वाले ट्रक

NHS के एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन (UK) में फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) के अर्ली डिटेक्शन के लिए बड़ी पहल की गई है. इसके लिए बड़े ट्रक में स्कैनिंग मशीन अपलोड करके उसे सुपर मार्केटों की कार पार्किंगों में खड़ा करवाया जा रहा है. वहां पर लंग कैंसर से पीड़ित कोई भी व्यक्ति अपना सीटी स्कैन करवा सकता है. रिसर्च रिपोर्ट में यह भी पता चला कि ब्रिटेन में लंग कैंसर पीड़ितों के बचने की दर में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला है. 

ये भी पढ़ें- सिगरेट न पीने वालों को भी हो रहा है Lung Cancer, ये हैं 4 अहम कारण

प्रत्येक 100 में से 96 लोग लंग कैंसर से मर जाते हैं

NHS के मुताबिक ब्रिटेन (UK) में हर साल करीब 48,000 लोगों में इस बीमारी का पता चलता है और उनमें से 35 हजार 100 लोग इससे मर जाते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो इस बीमारी से पीड़ित प्रत्येक 100 में से 96 लोग मर जाते हैं. रिसर्च में पता चला है कि करीब 16 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं, जो इलाज के बाद 5 साल तक जीवित रहते हैं. वहीं करीब 10 प्रतिशत मरीज ही ऐसे भाग्यशाली निकल पाते हैं, जो दस साल तक जीवित रह पाते हैं. 

LIVE TV

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.