सीरियाई राष्ट्रपति असद के पक्ष में आए रूस और ईरान

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बचाव में और इस्लामिक स्टेट को परास्त करने के लिए रूस और ईरान के गठबंधन की घोषणा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले असद के पक्ष में माहौल बना दिया। संयुक्त राष्ट्र की सालाना बैठक के लिए न्यूयार्क में शिरकत नहीं करने वाले कुछ नेताओं में असद भी हैं, लेकिन उनके सहयोगियों की तरफ से जिहादी खतरे को शिकस्त देने की मांग से उनपर फोकस कम हो गया।

संयुक्त राष्ट्र: सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बचाव में और इस्लामिक स्टेट को परास्त करने के लिए रूस और ईरान के गठबंधन की घोषणा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले असद के पक्ष में माहौल बना दिया। संयुक्त राष्ट्र की सालाना बैठक के लिए न्यूयार्क में शिरकत नहीं करने वाले कुछ नेताओं में असद भी हैं, लेकिन उनके सहयोगियों की तरफ से जिहादी खतरे को शिकस्त देने की मांग से उनपर फोकस कम हो गया।

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कल सीएनएन को एक साक्षात्कार में कहा, ‘मुझे लगता है कि आज हर किसी ने स्वीकार लिया है कि राष्ट्रपति असद को रहना चाहिए ताकि हम आतंकियों का मुकाबला कर सके।’ संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी लगातार असद को गृहयुद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराते रहे हैं जिसमें करीब 2,40,000 सीरिया वासियों की जान चली गयी और चरमपंथ को पनपने का मौका मिला।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भी वाशिंगटन के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि असद सीरिया के भविष्य का हिस्सा नहीं हो सकते लेकिन ब्रिटिश मीडिया ने खबर दी है कि संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में वार्ता के पहले वे असद के पद छोड़ने की मांग नहीं करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूसी समकक्ष सर्जेई लावरोव के साथ बैठक में चिंता जतायी कि रूस के प्रोत्साहन से सत्ता में बने रहने के लिए असद को प्रोत्साहन मिलेगा और शांति की उम्मीदें धूमिल होंगी।