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सऊदी अरब की ऑयल रिफाइनरी में ड्रोन हमला: अमेरिकी आरोपों से ईरान का इनकार, कहा - युद्ध के लिए तैयार

 ईरान ने अमेरिका के उन आरोपों को खारिज किया है, जिसमें अमेरिका ने दावा किया था कि सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी में कथित तौर पर हुए ड्रोन हमले के लिए तेहरान जिम्मेदार है.

सऊदी अरब की ऑयल रिफाइनरी में ड्रोन हमला: अमेरिकी आरोपों से ईरान का इनकार, कहा - युद्ध के लिए तैयार
सऊदी अरब कीतेल कंपनी अरामको की दो बड़ी रिफाइनरियों पर शनिवार को ड्रोन से हमला हुआ था..

तेहरान: ईरान (Iran) ने रविवार को अमेरिका (America) के उन आरोपों को खारिज किया है, जिसमें अमेरिका ने दावा किया था कि सऊदी अरब (Saudi Arabia) की तेल रिफाइनरी में कथित तौर पर हुए ड्रोन हमले के लिए तेहरान जिम्मेदार है. ईरान ने यह कहते हुए अमेरिका के दावों को खारिज किया कि इस्लामिक रिपब्लिक (Islamic Republic) के खिलाफ वॉशिंगटन की ज्यादातर दबाव वाली रणनीति 'अधिकतम झूठ' की रणनीति में बदल गई है.

ईरान की समाचार एजेंसी ईरना के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी (Abbas Mousavi) ने यह टिप्पणी अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) के ट्वीट की प्रतिक्रिया में की. अमेरिका का मुख्य सहयोगी सऊदी अरब लगातार ईरान पर हुती विद्रोहियों को हथियार मुहैया कराने का आरोप लगाता आया है. वहीं ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है.

पोम्पिओ ने ट्वीट किया था, "सऊदी अरब पर लगभग 100 हमलों के पीछे तेहरान है. राष्ट्रपति हसन रूहानी और विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कूटनीति में शामिल होने का दिखावा किया." उन्होंने आगे लिखा था, "विवाद को कम करने के सभी आह्वान के बावजूद ईरान ने दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर अभूतपूर्व हमला किया है."

मौसवी ने कहा कि लगभग पांच साल पूरे होने को आए हैं, जब सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन पर बार-बार आक्रामकता दिखाई है और नागरिकों के खिलाफ अत्याचारों को अंजाम देकर एक प्रकार का युद्ध छेड़ दिया है. 

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ईरान के रिव्यूलेशनरी गार्ड कमांडर अमिराली हाजीजादेह ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक अमेरिका से युद्ध के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, "हर कोई जानता है कि अमेरिका के सभी बेस और उनके एयरक्राफ्ट 2000 किमी की दूरी पर रहते हैं लेकिन ये सब हमारी मिसाइल की जद में हैं." 

दरअसल, सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको की दो बड़ी रिफाइनरियों पर शनिवार को ड्रोन से हमला हुआ था जिसके चलते सऊदी अरब का कुल तेल उत्पादन आधा हो गया है. यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. 

(इनपुट: रॉयटर्स से)