सिलेबस में विवादित द्वीपों के बारे में जापान के दावे पर भड़का दक्षिण कोरिया

जापान ने 30 मार्च को उन दिशा निर्देशों को स्वीकृति दी, जिनमें हाई स्कूल की किताबों में एवं शिक्षकों के लिए छात्रों को इन द्वीपों को जापान का हिस्सा बताना आवश्यक बनाया गया है.

सिलेबस में विवादित द्वीपों के बारे में जापान के दावे पर भड़का दक्षिण कोरिया
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे. (फाइल फोटो)

सोल: जापान में नए शैक्षणिक दिशा निर्देशों के प्रति विरोध प्रकट करने के लिए दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार (30 मार्च) को तोक्यो के राजदूत को तलब किया. इन नए दिशा निर्देश के अनुसार हाई स्कूल के छात्रों को यह पढ़ाना आवश्यक है कि विवादित क्षेत्र जापान के हैं. वर्ष 1945 से जापान सागर (पूर्वी सागर) में स्थित द्वीपों पर दक्षिण कोरिया का नियंत्रण रहा है. उसी साल प्रायद्वीप पर जापान का क्रूर औपनिवेशिक शासन खात्म हुआ था. जापान भी इन द्वीपों पर दावा जताता रहा है. दक्षिण कोरिया में इन द्वीपों को डोकडो और जापान में ताकेशिमा के नाम से जाना जाता है. जापान दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाता रहा है कि उसने इन द्वीपों पर अवैध रूप से कब्जा किया है.

जापान एवं दक्षिण कोरिया दोनों बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं, दोनों जगह लोकतंत्र है और दोनों ही अमेरिका के सहयोगी देश हैं. इनदोनों देशों को परमाणु हथियार सम्पन्न उत्तर कोरिया से खतरा है. लेकिन इतिहास से जुड़े कारणों और सीमा विवाद के चलते इनके रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं.

जापान ने 30 मार्च को उन दिशा निर्देशों को स्वीकृति दी, जिनमें हाई स्कूल की किताबों में एवं शिक्षकों के लिए छात्रों को इन द्वीपों को जापान का हिस्सा बताना आवश्यक बनाया गया है. ये दिशा निर्देश मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद हैं. इसके अनुसार, ‘‘स्कूलों को देश के क्षेत्रों से संबद्ध मुद्दों को शामिल करना चाहिए जैसे कि हमारे देश के अपने क्षेत्र ताकेशिमा द्वीप एवं उत्तरी क्षेत्र.’’

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि यह उल्लेख ‘‘अनुचित’’ है. डोकडो दक्षिण कोरियाई क्षेत्र का ऐसा हिस्सा रहा है जिसे कभी अलग नहीं किया जा सकता. वक्तव्य के अनुसार, ‘‘ हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और इसे तुरंत हटाने की मांग करते हैं. जापान भविष्य की पीढ़ी के मन में डोकडो के बारे में गलत ऐतिहासिक धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है.’’