उत्तर कोरिया ICBM टेस्ट, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने किया बैलिस्टिक मिसाइल एक्सरसाइज

इस अभ्यास में दक्षिण कोरिया के ह्यूनमू-2 और अमेरिका की आठवीं सेना के एटीएसीएमएस ने हिस्सा लिया. उनके दागे हुए मिसाइल पूर्व सागर में गिरे, जहां कुछ घंटों पहले उत्तर कोरिया द्वारा दागा गया आईसीबीएम गिरा माना जाता है.

उत्तर कोरिया ICBM टेस्ट, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने किया बैलिस्टिक मिसाइल एक्सरसाइज
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि हालिया मिसाइल टेस्ट के बाद अमेरिका हमारी रेंज में आ गया है. (फाइल फोटो)

सियोल: दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने शनिवार (29 जुलाई) को उत्तर कोरिया के खिलाफ एक फायरपॉवर शो के तहत संयुक्त रूप से बैलिस्टिक मिसाइल अभ्यास किया. समाचार एजेंसी योनहप के अनुसार, जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि यह अभ्यास पूर्वी तट पर आयोजित किया गया, जिसमें दक्षिण कोरिया के ह्यूनमू-2 और अमेरिका की आठवीं सेना के एटीएसीएमएस ने हिस्सा लिया. उनके दागे हुए मिसाइल पूर्व सागर में गिरे, जहां कुछ घंटों पहले उत्तर कोरिया द्वारा दागा गया अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल (आईसीबीएम) गिरा माना जाता है. 300 किलोमीटर के दायरे वाला ह्यूनमू-2 एक रोड मोबाइल टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है. आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम समान दूरी वाला मिसाइल है. जेसीएस ने अपने बयान में कहा, "सहयोगियों ने दुश्मन के नेतृत्व पर सटीक हमले के लिए अपनी क्षमताओं की पुष्टि की."

इससे पहले कम्युनिस्ट राष्ट्र द्वारा ह्वासोंग-14 आईसीबीएम परीक्षण करने पर इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों (दक्षिण कोरिया, अमेरिका) ने संयुक्त रूप से बैलिस्टिक मिसाइल का अभ्यास किया था. इससे पहले पेंटागन के प्रवक्ता जेफ डेविस ने मीडिया को बताया कि उन्हें पता चला है कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी समयानुसार सुबह 10.45 बजे अंतरमहाद्वीपीय बैलिटिक मिसाइल परीक्षण किया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, परीक्षण की सबसे पहले पुष्टि जापान सरकार ने की थी, जिसमें कहा गया था कि मिसाइल ने करीब 45 मिनट उड़ान भरी और फिर जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिर गया. जापान के शीर्ष सरकारी प्रवक्ता योशीहाइट सुगा ने कहा कि परीक्षण से किसी भी जहाज या विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्होंने मिसाइल परीक्षण को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया और कहा कि जापान इस कदम का मजबूती से विरोध करता है.

उत्तर कोरिया मिसाइल टेस्ट का जापान ने जताया विरोध

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शनिवार (29 जुलाई) को कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल परीक्षण किया जाना उनके देश के सामने मौजूद गंभीर और वास्तविक सुरक्षा खतरे को बताता है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, आबे ने यह भी कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया के आगे के संभावित भड़काऊ कदमों के बारे में सतर्क रहेगा और जापान के पास अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ उस पर (उत्तर कोरिया पर) दबाव बनाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. आबे ने मिसाइल लांच के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद यह टिप्पणी की.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार (28 जुलाई) को उत्तर कोरिया के एक और बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की निंदा की, जिसे अंतरमहाद्वीपीय रेंज का माना जा रहा है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक के हवाले से कहा, "संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा है कि यह फिर से सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का स्पष्ट उल्लंघन है." हक ने कहा, "उत्तर कोरियाई नेतृत्व को अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए और कोरियाई प्रायद्वीप से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना चाहिए."

(इनपुट एजंसी से भी)