श्रीलंका: राष्ट्रपति चुनाव के शुरुआती रुझानों में गोतबया राजपक्षे सबसे आगे

गोतबया राजपक्षे 52.87 प्रतिशत वोट शेयर के साथ अपने प्रतिद्वंदी सजित प्रेमदासा से करीब 13 प्रतिशत के अंतर से आगे चल रहे हैं

श्रीलंका: राष्ट्रपति चुनाव के शुरुआती रुझानों में गोतबया राजपक्षे सबसे आगे
श्रीलंका चुनाव में गोतबया राजपक्षे 52.87 प्रतिशत वोट शेयर के साथ आगे चल रहे हैं

कोलंबो: श्रीलंका (Sri Lanka) में 8वें राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) के लिए कल (शनिवार) डाले गए वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव के शुरुआती रुझानों में श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना पार्टी के उम्मीदवार पूर्व रक्षा सचिव गोतबया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) अच्छी लीड के साथ सबसे आगे चल रहे हैं. इस समय गोतबया राजपक्षे 52.87 प्रतिशत वोट शेयर के साथ अपने प्रतिद्वंदी सत्तारूढ़ युनाइटेड नेशनल पार्टी के उम्मीदवार सजित प्रेमदासा (Sajith Premadasa) से करीब 13 प्रतिशत के अंतर से आगे चल रहे हैं. सजित प्रेमदासा को अब तक 39.67 प्रतिशत वोट ही मिले हैं. जहां एक तरफ गोतबया राजपक्षे को बहुसंख्यक सिंहली समुदाय के बाहुल्य क्षेत्र से अच्छा सपोर्ट मिलता दिख रहा है वहीं दूसरी तरफ चुनाव परिणाम में सजित प्रेमदासा को अल्पसंख्यक तमिल समुदाय से बड़ी संख्या में वोट मिलते नजर आ रहे हैं.  

चुनाव आयोग (Election Commission) की माने तो आज (रविवार) शाम तक राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए वोटों की गिनती पूरी हो जाएगी और साफ हो जाएगा कि श्रीलंका में ताज किसके सिर पर सजेगा. चुनाव आयोग के आंकडों के अनुसार श्रीलंका में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव में करीब 80 प्रतिशत मतदान हुआ. श्रीलंका में कुल वोटरों की संख्या लगभग 1 करोड़ 59 लाख है. राष्ट्रपति चुनाव में इस बार कुल 32 उम्मीदवार चुनाव में हैं.

आपको बता दें कि 70 साल के गोतबया राजपक्षे श्रीलंका में रक्षा सचिव रह चुके हैं. श्रीलंका में 2009 में 37 साल बाद खत्म हुए गृह युद्ध में तमिल विद्रोह को खत्म करने में गोतबया राजपक्षे की भूमिका अहम मानी जाती है. इसकी वजह से चुनाव में गोतबया को तमिल पार्टियों का खासा विरोध झेलना पड़ा है.

श्रीलंका में ये राष्ट्रपति चुनाव इसी साल अप्रैल में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के द्वारा श्रीलंका में ईस्टर संडे के दिन कई चर्चों और होटलों में एक साथ करवाए धमाकों के बाद हो रहे हैं. इन सीरियल ब्लास्ट में 250 से अधिक लोगों की जान चली गई थी.