श्रीलंका ने तमिल कैदियों पर तत्काल कदम उठाने का किया वादा

श्रीलंका सरकार ने खत्म हो चुके लिट्टे से तार जुड़े होने के संदेह में पिछले कई साल से जेल में बंद तमिल राजनीतिक कैदियों की चिंताओं के त्वरित समाधान का वचन दिया है। कैदियों की भूख हड़ताल का आज (गुरुवार) चौथा दिन है।

कोलंबो : श्रीलंका सरकार ने खत्म हो चुके लिट्टे से तार जुड़े होने के संदेह में पिछले कई साल से जेल में बंद तमिल राजनीतिक कैदियों की चिंताओं के त्वरित समाधान का वचन दिया है। कैदियों की भूख हड़ताल का आज (गुरुवार) चौथा दिन है।

न्याय मंत्री विजययाडसा राजपक्षे गुरुवार को सुबह कैदियों के अनशन स्थल पर गए और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे कैदियों ने राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरिसेना से आश्वासन देने की मांग की है। सोमवार से 200 से ज्यादा तमिल बंदी भूख हड़ताल पर हैं। उनमें से कम से कम आठ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे लोग तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि उनमें से कइयों को उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किये बिना जेल में रखा गया है।

उनमें से कम से कम 40 को आतंकवाद रोकथाम कानून (पीटीए) के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया है। तमिल समूहों ने कहा कि उनलोगों ने अपनी सजा के खिलाफ अपील की है। कैदियों ने कहा कि वे तब तक अपना अनशन नहीं तोडेंगे जब तक कि स्वीकार्य समाधान नहीं पेश किया जाता।

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