पाकिस्तान ने कहा, सुरक्षा सहयोग पर अमेरिका के साथ अभी भी कर रहे हैं काम

1 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा था कि अमेरिका ने पिछले 15 सालों में उसे 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दी और उसने बदले में झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया.

पाकिस्तान ने कहा, सुरक्षा सहयोग पर अमेरिका के साथ अभी भी कर रहे हैं काम
अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाली सैन्य मदद रोक दी है. (Reuters/5 Jan, 2018)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार (5 जनवरी) को कहा कि वह सुरक्षा सहयोग के मुद्दे पर अमेरिका के साथ भागीदारी कर रहा है और आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकामी के लिए इस्लामाबाद को एक अरब डॉलर की सहायता रोके जाने की अमेरिका की घोषणा के विवरण का इंतजार कर रहा है. वॉशिंगटन में विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नौएर्ट ने संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि अमेरिका मदद रोकेगा. इससे कुछ दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा था कि अमेरिका ने पिछले 15 सालों में उसे 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दी और उसने बदले में झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने मदद रोके जाने की घोषणा पर टिप्पणी किये बिना कहा, ‘‘हम सुरक्षा सहयोग पर अमेरिकी प्रशासन के साथ भागीदारी कर रहे हैं और आगे विवरण का इंतजार है . कुछ समय में समान लक्ष्य को लेकर अमेरिकी फैसले का असर और साफ हो जाएगा .’’ विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ उसका सहयोग सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के व्यापक हितों के पक्ष में काम करता है. 

आतंकियों को पनाह देने से बाज नहीं आया पाकिस्तान, अमेरिका ने रोकी 1.15 अरब डॉलर से अधिक की मदद

वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने पाकिस्तान पर अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी समूहों को पनाह देने के साथ ही इनके खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ करने में दिलचस्पी नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए उसको दी जाने वाली 1.15 अरब डॉलर से अधिक की सुरक्षा सहायता राशि पर शुक्रवार (5 जनवरी) को रोक लगा दी है. 

पाकिस्तान को मिलने वाली सहायता पर रोक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नववर्ष पर किए उस ट्वीट के बाद लगाई गई जिसमें उन्होंने (ट्रंप ने) पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि पिछले 15 वर्षों में 33 अरब डॉलर की सहायता राशि के बदले में उसने अमेरिका को सिर्फ ‘झूठ और छल’ दिया है साथ आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह दी है.

इस राशि में प्रमुख रूप से वित्त वर्ष 2016 के लिए विदेशी सैन्य अनुदान (एफएमएफ) में दिए जाने वाले 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की राशि शामिल हैं, जिसे कांग्रेस ने अनिवार्य बना दिया था. इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2017 के लिए पाकिस्तान को दी जाने वाली गठबंधन सहायता निधि (सीएसएफ) 90 करोड़ डॉलर पर भी रोक लगा दी है.

(इनपुट एजेंसी से भी)