बुर्का पहनने पर बैन लगे या नहीं, स्विट्जरलैंड के लोग रेफरेंडम के लिए डालेंगे वोट

यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड में बुर्के पर बहस चल रही है. बुर्का सार्वजनिक स्थानों पर पहनने की छूट होनी चाहिए या नहीं, इस बात का फैसला अब स्विट्जरलैंड की जनता करेगी.

बुर्का पहनने पर बैन लगे या नहीं, स्विट्जरलैंड के लोग रेफरेंडम के लिए डालेंगे वोट
प्रतीकात्मक तस्वीर/Zee Media Network

ज्यूरिख: यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड में बुर्के पर बहस चल रही है. बुर्का सार्वजनिक स्थानों पर पहनने की छूट होनी चाहिए या नहीं, इस बात का फैसला अब स्विट्जरलैंड की जनता करेगी. इसके लिए अब जनमत संग्रह का सहारा लिया जा रहा है, जिसपर पूरे देश की जनता 7 मार्च को मतदान करेगी और फैसला करेगी कि बुर्के पर बैन लगाया जाए या नहीं. इसके साथ ही देश के प्रत्यक्ष लोकतांत्रित सिस्टम में कुछ बदलावों को लेकर भी जनता की राय मांगी गई है, उन सब मुद्दों पर भी जनता 7 मार्च को ही जनमतसंग्रह के दौरान मतदान करेगी.

क्या है मूल मुद्दा?

हमारी सहयोगी वेबसाइट WION के मुताबिक, स्विट्जरलैंड (Switzerland) में मुस्लिम आबादी को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. इस बार जनमत संग्रह के दौरान लोगों से सवाल पूछा गया है कि पब्लिक प्लेस में कोई भी अपना चेहरा न ढके, असपर आपकी क्या राय है? बता दें कि यूरोप के कई देशों मसलन नीदरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम और डेनमार्क में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध है. हालांकि स्विट्जरलैंड में जो प्रस्ताव रखा गया है, उसे मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ माना जा रहा है. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो चाहते हैं कि धार्मिक स्थलों या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को झेल रहे लोगों को बुर्का पहनने की छूट मिले.

सुरक्षा है मुख्य मुद्दा

स्विट्जरलैंड में बुर्का बैन (Burqa Ban) को लेकर जो बहस छिड़ी है, वो है राष्ट्रीय सुरक्षा और इस्लामोफोबिक सेंटिमेंट्स को लेकर. बता दें कि बुर्के पर बैन का ये प्रपोजल उस फैसले के 12 साल बाद लाया जा रहा है, जिसमें स्विट्जरलैंड के लोगों ने नई मीनारों को बनने से रोक दिया था. हालांकि इसकी वजह से राजनीतिक उठापटक भी हुई थी. इस प्रस्ताव के पीछे वो दक्षिणपंथी पार्टी ही है, जिसने मीनारों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने वाले जनमत संग्रह का आयोजन किया था. उस जनमत संग्रह को 60 फीसदी स्विस लोगों ने स्वीकार किया था और मीनारों पर बैन का समर्थन किया था.

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देश में 5 फीसदी की आबादी

स्विट्जरलैंड की आबादी में 5 फीसदी हिस्सा मुस्लिमों की है. जबकि पूरे देश की आबादी 86 लाख लोगों की है. बता दें कि यूरोप में लगातार इस्लामी आतंकवाद बढ़ा है. इसीलिए माना जा रहा है कि ये जनमतसंग्रह बुर्के के विरोध में लोगों की भावनाओं को बाहर लाने का तरीका है.

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