संयुक्त राष्ट्र ने कहा, सीरिया पर हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए 'गंभीर खतरा'

सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हाल में कथित रूप से सीरिया द्वारा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने असद सरकार को चेतावनी दी थी. इस हमले में बच्चों सहित 75 लोग मारे गए थे.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा, सीरिया पर हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए 'गंभीर खतरा'
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस. (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने शनिवार (14 अप्रैल) को कहा कि सीरिया अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ‘‘सबसे गंभीर खतरा’’ पेश करता है और उन्होंने सभी सदस्य देशों से संयम बरतने तथा ऐसा कोई भी काम करने से बचने की अपील की है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है तथा सीरियाई लोगों की परेशानियों और बढ़ सकती हैं. सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद सरकार के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के संयुक्त सैन्य हवाई हमलों के मद्देनजर गुतारेस ने यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीरिया में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा किए गए हवाई हमलों की खबरों पर करीबी नजर रख रहा हूं. यह एक दायित्व है खासतौर से शांति और सुरक्षा से जुड़े मामलों में कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए.’’

गुतारेस ने कहा, ‘‘निश्चित ही सीरिया आज अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा पेश करता है.’’ उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैं सभी सदस्य देशों से अपील करता हूं कि वे इन खतरनाक परिस्थितियों में संयम बरते और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचे जिससे स्थिति और बिगड़े तथा सीरिया लोगों की तकलीफें बढ़ें.’’

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को ‘‘घृणित’’ बताते हुए कहा कि इससे होने वाली परेशानियां ‘भयानक’ हैं. अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाके में संदिग्ध रासायनिक हमले के एक सप्ताह बाद सीरियाई सरकार के खिलाफ संयुक्त अभियान की घोषणा की.

फ्रांस ने कहा, हमलों का लक्ष्य सीरिया के रसायनिक हथियार
फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा कि सीरियाई सरकार की रासायनिक हथियारों के उत्पादन और उनके इस्तेमाल की क्षमता को लक्षित कर अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा चलाए जा रहे अभियान से फ्रांस भी जुड़ा है. सीरियाई राजधानी से धमाकों की आवाज सुने जाने के कुछ समय बाद ही उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘हम रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को सामान्य माने जाने की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते.’’ 

उन्होंने हाल ही में डौमा में सात अप्रैल को हुए रसायनिक हमले का जिक्र करते हुये कहा, ‘‘फ्रांस ने मई 2017 में जो लक्ष्मण रेखा खीचीं थी उसे लांघा गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने फ्रांसीसी सेना को अमेरिका और ब्रिटेन के साथ गठबंधन में चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय अभियान में शामिल होने का निर्देश दिया है जो सीरियाई सरकार के गोपनीय रासायनिक आयुद्ध के खिलाफ लक्षित है.’’

'ब्रिटेन के पास सीरिया पर मिसाइल हमला करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं था'
ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने शनिवार (14 अप्रैल) को कहा कि सीरिया में बल के इस्तेमाल के अलावा कोई ‘‘व्यवहारिक विकल्प’’ नहीं बचा था. उन्होंने इसके साथ ही सीरिया में हमले के लिए फ्रांस और अमेरिका का साथ देने का भी ऐलान किया. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘आज (शनिवार, 14 अप्रैल) शाम मैंने ब्रिटिश सशस्त्र सेनाओं को सीरियाई सरकार की रसायनिक हथियारों की क्षमता को कम करने और उन्हें नष्ट करने के लिये समन्वित और लक्षित हमले करने के लिये अधिकृत किया.’’

ट्रंप ने जताया ब्रिटेन और फ्रांस का आभार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (14 अप्रैल) को घोषणा की कि बशर अल असद की ‘‘आपराधिक’’ सरकार को निशाना बनाने के लिए सीरिया पर अमेरिका-ब्रिटेन-फ्रांस ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि सीरिया में कथित रासायनिक हमले से हिंसा में ‘‘बड़ी वृद्धि’’ हुई. ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, ‘‘यह किसी व्यक्ति की कार्रवाई नहीं है, यह एक दानव के अपराध हैं.’’ 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि संयुक्त कार्रवाई का मकसद रासायनिक हथियारों के उत्पादन, प्रसार और इस्तेमाल के खिलाफ ‘‘मजबूत प्रतिरोधक’’ तंत्र स्थापित करना है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीरिया के खिलाफ ‘‘सटीक हमलों’’ के आदेश दिए है. सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हाल में कथित रूप से सीरिया द्वारा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने पहले ही असद सरकार को चेतावनी दी थी. इस हमले में बच्चों सहित 75 लोग मारे गए थे.

(इनपुट एजेंसी से भी)