अफगानिस्तान: आतंक के खात्मे को लेकर तालिबान ने बढ़ाया हाथ, अमेरिकी राजदूत से की मुलाकात

तालिबान ने अमेरिकी राजदूत जल्मे खलिलजाद के साथ कतर में तीन दिनों तक वार्ता की जहां अफगानिस्तान के इस चरमपंथी संगठन का राजनीतिक कार्यालय है.

अफगानिस्तान: आतंक के खात्मे को लेकर तालिबान ने बढ़ाया हाथ, अमेरिकी राजदूत से की मुलाकात
अमेरिकी राजदूत जल्मे खलिलजाद.(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: तालिबान ने अमेरिकी राजदूत जल्मे खलिलजाद के साथ कतर में तीन दिनों तक वार्ता की जहां अफगानिस्तान के इस चरमपंथी संगठन का राजनीतिक कार्यालय है. तालिबान के एक अधिकारी और इस संगठन के करीबी एक अन्य व्यक्ति ने रविवार को इस वार्ता की जानकारी दी. इस वार्ता का लक्ष्य अफगान शांति वार्ता फिर शुरु करना और अमेरिका की सबसे बड़ी लड़ाई को आखिरकार समेटना है. अमेरिका के नेतृत्व में किये गये आक्रमण से अफगानिस्तान में तालिबान शासन का अंत हो गया था लेकिन इस हमले के 17 साल बाद भी तालिबान आतंकवादियों का अफगानिस्तान के करीब आधे हिस्से पर नियंत्रण है. 

तालिबान रोजाना सुरक्षाबलों और सरकारी अधिकारियों पर हमला करता है. दो व्यक्तियों ने बताया कि हेरात के पूर्व तालिबान गवर्नर खैरुल्ला खैरख्वाह तथा पूर्व तालिबान सैन्य प्रमुख मोहम्मद फजल ने खलिलजाद के साथ इस लंबी वार्ता में हिस्सा लिया. दो व्यक्तियों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि दोनों संवेदनशील बातचीत पर चर्चा करने के लिए अधिकृत नहीं हैं.

अमेरिकी अधिकारियों की इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली है. अमेरिका के विदेश विभाग ने तालिबान के साथ कथित वार्ता पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. वार्ता की जानकारी रखने वाले एक तीसरे व्यक्ति ने बताया कि तालिबान ने अगले साल का राष्ट्रपति चुनाव स्थगित करने और तटस्थ नेतृत्व के अंतर्गत अंतरिम सरकार स्थापित करने की मांग की है.

ताजिक मूल के इस्लामिक विद्वान अब्दुल सत्तार का नाम अंतरिम प्रशासन की अगुवाई के उम्मीदवार के रुप में सुझाया गया है.  जानकारी देने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि खलिलजाद छह महीने में सुलह पर पहुंचना चाहते हैं लेकिन तालिबान ने इसे बहुत छोटी अवधि बताया. 

इनपुट भाषा से भी 

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