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भारतीय मूल के तमिल विद्वान कुडासामी कुप्पुसामी का दक्षिण अफ्रीका में निधन

दक्षिण अफ्रीका के माध्यमिक विद्यालयों में तमिल भाषा पढ़ाए जाने के लिए देश की सरकार पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय मूल के एक अग्रणी तमिल विद्वान एवं लेखक का जोहानिसबर्ग में निधन हो गया। वह 103 वर्ष के थे।

जोहानिसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के माध्यमिक विद्यालयों में तमिल भाषा पढ़ाए जाने के लिए देश की सरकार पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय मूल के एक अग्रणी तमिल विद्वान एवं लेखक का जोहानिसबर्ग में निधन हो गया। वह 103 वर्ष के थे।

कुडासामी कुप्पुसामी ने शुक्रवार को अंतिम सांस ली। उन्होंने अध्यापक के रूप में अपने करियर की शुरूआत की थी और वह उस समय भारतीय शिक्षा विभाग में स्कूलों के पहले निरीक्षक बने जब रंगभेद काल में प्रणाली नस्ल के आधार पर बंटी हुई थी।

कुप्पासामी के निधन के बाद दक्षिण अफ्रीकी-भारतीय समुदाय शोक में डूब गया है।वह दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय की शिक्षा एवं तमिल संस्कृति पर लेखन को लेकर भारतीय के बीच बहुत लोकप्रिय थे। उन्होंने ‘ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ इंडियन एजुकेशन’, ‘रिलीजंस, कस्टम्स एवं प्रैटिसिस ऑफ साउथ एशियन-इंडियंस’ और ‘द थ्री पिलर्स ऑफ तमिल’ जैसी पुस्तकें लिखीं जो बहुत लोकप्रिय हुईं।

कुप्पासामी दक्षिण अफ्रीकी तमिल परिसंघ के संस्थापक सदस्य और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सदस्य थे। एसएटीएफ के प्रतिनिधि बॉबी पिल्लै ने कहा, ‘‘इस अगुआ और भाषा, संस्कृति एवं कला में उनके योगदान के बारे में कई संस्करण लिखे जा सकते हैं। वह हमारे बीच हुए सबसे महान तमिल विद्वानों में से एक हैं।’’ उनका अंतिम संस्कार उनके गृहनगर डरबन में रविवार को होगा।