तहरीक-ए-तालिबान ने किया पाकिस्तान के बाचा यूनिवर्सिटी पर हमला, चार आतंकी समेत 25 की मौत

पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के अशांत खबर-पख्तूनख्वा प्रांत में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में घुसकर छात्रों और शिक्षकों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं जिससे कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और करीब 50 अन्य लोग घायल हो गए।  

तहरीक-ए-तालिबान ने किया पाकिस्तान के बाचा यूनिवर्सिटी पर हमला, चार आतंकी समेत 25 की मौत

चारसद्दा (पाकिस्तान) : अशांत उत्तरपश्चिमी पाकिस्तान में बुधवार सुबह कलाशनिकोव रायफल से लैस तालिबान के आत्मघाती हमलावर एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे कम से कम 21 लोग मारे गए जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में चार आतंकवादी ढेर हो गए। यह हमला 2014 में पेशावर के एक सेना स्कूल पर हुए नृशंस हमले की याद दिलाता है।

पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी प्रांत के चारसद्दा जिला स्थित बाचा खान विश्वविद्यालय में घुस गए और उन्होंने कक्षाओं एवं छात्रावासों में छात्रों और शिक्षकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। यह विश्वविद्यालय खबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर शहर के दक्षिण पश्चिम में करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। विश्वविद्यालय का नाम प्रसिद्ध नेता खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ बाचा खान के नाम पर रखा गया है। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में चार आतंकी मारे गए जिसके साथ मृतकों की कुल संख्या 25 हो गयी।

आतंकी घने कोहरे का फायदा उठाते हुए विश्वविद्यालय की दीवारें फांद गए और उसकी इमारतों में घुस गए। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर विस्फोटों और भारी गोलीबारी की आवाज सुनी गई। उस समय वहां बाचा खान की बरसी के मौके पर एक काव्य संगोष्ठी चल रही थी। बादशाह खान का 20 जनवरी, 1988 को निधन हो गया था। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. फजल रहीम ने बताया कि हमले के दौरान विश्वविद्यालय के अंदर करीब 3,000 छात्र और 600 मेहमान मौजूद थे।

संघीय सूचना मंत्री परवेज राशिद ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और मीडिया से कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा परिसर को खाली कराने के लिए शुरू किया गया अभियान पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि हमला प्रांत में चल रहे सैन्य अभियान की प्रतिक्रिया है जिसने आतंकियों की कमर तोड़ दी है। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों में एक प्रोफेसर, दो छात्र और चार सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। तालिबान के आतंकवादियो ने दिसंबर 2014 में पेशावर में सेना के एक स्कूल पर हमला कर दिया था। तब उन्होंने 150 से ज्यादा लोगों को मार दिया था जिनमें ज्यादातर छात्र थे।

पाकिस्तान सेना के बल भी पेशावर से विश्वविद्यालय के लिए रवाना हुए और उन्होंने वहां पहुंचकर अभियान शुरू किया। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने ट्वीट किया कि विश्वविद्यालय को खाली कराने के सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान चार आतंकवादी मारे गए। ससे पहले विश्वविद्यालय ब्लॉक के भीतर से गोलीबारी कर रहे दो आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया। आतंकवादी विश्वविद्यालय के दो ब्लॉकों में सीमित कर दिए गए हैं और सैन्य बल एवं कमांडो अभियान में भाग ले रहे हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार तकरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। मीडिया रिपोर्टों में खुफिया सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि आतंकवादियों की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच है।

जियो टीवी ने बताया कि मृतकों में रसायन विभाग के प्रोफेसर हामिद हुसैन भी शामिल है। खबर में कहा गया, ‘ बाहर निकलने के बाद विश्वविद्यालय के एक शिक्षक ने बताया कि रसायन विभाग के अध्यक्ष हामिद आतंकवादियों की गोलीबारी में मारे गए हैं।’ खबर में बताया गया है कि आतंकी उनके कक्ष में घुसे और हामिद के सिर में गोली मारी। उनकी तत्काल मौत हो गई।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकवादी हमले की निंदा की और सुरक्षा एजेंसियों को विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द आतंकवादियों से खाली कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री शरीफ के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उन्हें ताजा गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है। शरीफ ने आतंकवादी हमले में लोगों की कीमती जानें चली जाने पर दु:ख प्रकट किया और कहा कि निर्दोष छात्रों और नागरिकों पर हमला करने वालों का कोई धर्म नहीं होता। आतंकी विश्वविद्यालय में घुसे, जहां कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र शिरकत कर रहे थे।

डॉन की खबर के अनुसार, खबर-पख्तूनख्वा के सांसद अरशद अली ने कहा कि हमलावर विश्वविद्यालय की दीवारें फांदकर इसमें घुसे। खबर में कहा गया कि छात्रों के परिजन संस्थान के बाहर इकट्ठे हो गए हैं। घायलों को बचाने के लिए लगभग 20 एंबुलेंस विश्वविद्यालय में दाखिल हो चुकी हैं। रेस्क्यू 1122 के एक अधिकारी के हवाले से डॉन ने कहा कि छात्रावास का छात्र खंड प्रभावित हुआ है और पीड़ितों में अधिकतर को गोलियां लगी हैं। इसमें कहा गया कि एधी के एक स्वयंसेवी ने कम से कम 15 लोगों के शव देखे हैं। दिसंबर 2014 में पेशावर में सेना द्वारा संचालित एक स्कूल पर तालिबानी आतंकियों के हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर छात्र थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)