ब्रिटेन ने 40 साल बाद लौटाईं, 15वीं सदी की राम, लक्ष्मण और सीता की प्रतिमाएं

तमिलनाडु के एक मंदिर से 40 साल पहले चुराई गई 15वीं शताब्दी की तीन मूर्तियों को ब्रिटिश पुलिस ने मंगलवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग को सौंप दिया. संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गई.

ब्रिटेन ने 40 साल बाद लौटाईं, 15वीं सदी की राम, लक्ष्मण और सीता की प्रतिमाएं

नई दिल्लीः तमिलनाडु के एक मंदिर से 40 साल पहले चुराई गई 15वीं शताब्दी की तीन मूर्तियों को ब्रिटिश पुलिस ने मंगलवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग को सौंप दिया. संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गई. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल, लंदन स्थित उच्चायोग में तीन प्रतिमाओं को सौंपे जाने के समारोह में डिजिटल माध्यम से शामिल हुए.

वक्तव्य में कहा गया कि भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की मूर्तियों को ब्रिटिश पुलिस ने भारतीय उच्चायोग को सौंपा. इस अवसर पर पटेल ने ब्रिटिश पुलिस, तमिलनाडु सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग का आभार व्यक्त किया.

पटेल ने कहा, “यह हर्ष का विषय है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद विदेश से हमें केवल 13 मूर्तियां वापस मिली थीं लेकिन 2014 से अब तक हम 40 से अधिक प्रतिमाओं को वापस लाने में सफल रहे हैं और आने वाले वर्षों में और कलाकृतियां लाने का प्रयास कर रहे हैं. हम वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए ब्रिटिश संग्रहालय से बातचीत कर रहे हैं.”

पीतल से निर्मित भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की प्रतिमाएं भारतीय धातु कला का बेजोड़ नमूना हैं.  इन मूर्तियों को तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले में स्थित विजयनगर काल के एक मंदिर से 1978 में चुरा लिया गया था. मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार मूर्तियां 15वीं शताब्दी की हैं.