भारत-चीन विवाद के बीच फिर आया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान, दिया यह ऑफर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (America President Donald Trump) ने एक बार फिर भारत-चीन विवाद (India China Standoff) को सुलझाने में मदद की पेशकश की है.

भारत-चीन विवाद के बीच फिर आया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान, दिया यह ऑफर
फाइल फोटो: AFP

वॉशिंगटन: अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (America President Donald Trump) ने एक बार फिर भारत-चीन विवाद (India China Standoff) को सुलझाने में मदद की पेशकश की है. ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि दोनों देशों के रिश्ते सामान्य हो जाएं और इसके लिए वह हर संभव मदद करने को तेयार हैं. 

राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई कि भारत और चीन मौजूदा सीमा विवादों को हल करने में सक्षम होंगे. गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे पता है कि चीन और भारत कठिन दौर से गुजर रहे हैं. दोनों देशों के लिए यह बेहद कठिन समय है. मुझे उम्मीद है कि वे इसका हल निकाल पाएंगे, लेकिन यदि हम मदद कर सकते हैं, तो हम इसके लिए तैयार हैं’.

पहले भी की थी पेशकश
वैसे, ये पहला मौका नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-चीन के बीच पीसमेकर की भूमिका निभाने का ऑफर दिया है. कुछ समय पूर्व भी उन्होंने यह इच्छा दर्शाई थी, लेकिन दोनों ही देशों ने इससे इनकार कर दिया था. भारत की तरफ से कहा गया था कि सीमा विवाद द्विपक्षीय मामला है और आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता है.

ट्रंप का यह ऑफर ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के अधिकारियों ने लद्दाख में LAC विवाद सुलझाने के लिए बैठक की. इस बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा पर और अधिक सैनिक न भेजने पर सहमति बनी है. गलवान घाटी हिंसा के बाद से दोनों देशों के रिश्ते काफी तल्ख हो गए हैं.

भारत के सहयोगी हैं ट्रंप
ट्रंप भले ही विवाद सुलझाने में भारत और चीन की मदद की बात कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है की ट्रंप भारत के सहयोगी के तौर पर पारदर्शी रहे हैं. भारत और दक्षिण एशिया के अमेरिकी विशेषज्ञ एशले टेलिस के अनुसार, यह चीन को किनारे करने के विचारों से प्रेरित कदम है. वहीं, टाटा चेयर फॉर स्ट्रैटेजिक अफेयर्स के टेलिस ने कहा कि चीनी की आक्रमकता इतनी बढ़ गई है कि अमेरिका न तो उसके साथ खड़ा हो सकता है और न ही उसे नजरंदाज कर सकता है. 

भारत से मजबूत हुए रिश्ते
गौरतलब है कि कोरोना महामारी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच टकराव चल रहा है. दोनों देशों के रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुके हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना के लिए चीन को दोषी मानते हैं और उनके चीन विरोधी अभियान में कई देश शामिल हो चुके हैं. जबकि भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ समय में मजबूती आई है. खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के सत्ता संभालने के बाद से अमेरिका भारत के करीब आया है.