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कोई छोटा या बड़ा भाई नहीं, भाई का रिश्ता टिकना चाहिए, यही महत्वपूर्ण है: उद्धव ठाकरे

शिवसेना बीजेपी की सीट शेयरिंग के बाद यह बात साफ हो गई कि बीजेपी महाराष्ट्र में बड़े भाई की भूमिका में है.  

कोई छोटा या बड़ा भाई नहीं, भाई का रिश्ता टिकना चाहिए, यही महत्वपूर्ण है: उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र में बीजेपी 150 सीट जबकि शिवसेना 124 सीट पर लड़ रही है.

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2019) में सभी उम्मीदवारों ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया. शिवसेना-बीजेपी (Shiv Sena - BJP) की सीट शेयरिंग के बाद यह बात साफ हो गई कि बीजेपी महाराष्ट्र में बड़े भाई की भूमिका में है. शिवसेना ने इस बात को दबी जुबान में ही सही स्वीकार भी कर लिया है. एक समय था जब शिवसेना गठबंधन में बीजेपी से ज्यादा सीट पर लड़ती थी लेकिन अब समय बदल गया है. बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सत्ता के लिए शिवसेना ने बीजेपी के सामने सरेंडर कर दिया है.  

आज आखिरी दिन के नामांकन के बाद शिवसेना और बीजेपी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे  (Uddhav Thackeray) और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) मीडिया से मुखातिब हुए और दोनों ने 'हम साथ-साथ हैं' का स्वर लगाया,और बताया कि दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं, एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं. दोनों ने एक दूसरे के लिए एडजस्ट किया है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसैनिक आदित्य ठाकरे (aaditya thackeray) को मुख्यमंत्री पद के लिए बोलते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं, लेकिन उसके बाद डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा कि आदित्य वैधानिक तरीके से चुनाव लड़ेगा. आदित्य से उसके सपने के बारे में पूछा जाए. महाराष्ट्र में बड़ा भाई कौन होगा? इस सवाल पर उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) का कहना था कि भाई का रिश्ता टिका रहे, उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है. उनके लिए कौन बड़ा कौन छोटा है, ये बातें महत्वपूण नहीं है.  

 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के कुल 288 सीट में से बीजेपी 150 सीट पर लड़ रही है. शिवसेना 124 सीट पर लड़ रही है. बची हुई 14 सीट पर सहयोगी दल लड़ रहे हैं. इसमें ज्यादातर प्रत्याशी बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर  लड़  रहे हैं.  सीटों के बंटवारे को देखे तो बीजेपी के हिस्से में ज्यादा सीट आई हैं. महारष्ट्र में बीजेपी ही बड़े भाई के भूमिका में दिखाई दे रही है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र को अगले पांच साल में सुखा मुक्त करने की बात की. जिन दिग्गजों का टिकट काटा गया है, उनके बारे में फडणवीस ने कहा कि वो लोग पार्टी का काम करेंगे. लोगों की भूमिका बदलती रही है तो उनकी भी बदली है. उन्होंने आदित्य ठाकरे के चुनाव लड़ने पर खुशी जताई. मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि कोई भी पार्टी से बगावत कर महायुति के विरोध में काम करेगा तो महायुति उसे उसकी जगह बताएगी.