ब्रिटेन चुनाव: पीएम टेरीजा मे को लगा बड़ा झटका, उनकी पार्टी बहुमत बरकरार रखने में नाकाम

ब्रिटेन चुनाव के आधिकारिक एग्जिट पोल के अनुसार प्रधानमंत्री टेरीजा मे की सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी महत्वपूर्ण आम चुनावों में अपनी संसदीय बहुमत खो देगी. इससे त्रिशंकु संसद की स्थिति पैदा हो सकती है और ब्रेग्जिट वार्ता में देरी हो सकती है. कल शाम मतदान पूरा होने के बाद यह एग्जिट पोल जारी किया गया.

ब्रिटेन चुनाव: पीएम टेरीजा मे को लगा बड़ा झटका, उनकी पार्टी बहुमत बरकरार रखने में नाकाम

लंदन: ब्रिटेन में हुए मध्यावधि चुनाव में प्रधानमंत्री टेरीजा मे की कंजर्वेटिव पार्टी को आज उस समय बड़ा झटका लगा जब वह संसद में अपनी पार्टी का बहुमत बरकरार रखने में नाकाम रही. इससे ब्रेग्जिट वार्ता से पहले अनिश्चितता की नई स्थिति पैदा हो गई है.

कंजर्वेटिव पार्टी 650 सदस्यीय संसद में सर्वाधिक मत हासिल करने वाली पार्टी के तौर पर उभरी है. पार्टी को 313 और लेबर पार्टी को 260 मत मिले हैं. चुनाव जीतने के लिए किसी भी पार्टी को कुल 326 मत हासिल करने की आवश्यकता है. अभी आठ सीटों पर नतीजों का ऐलान किया जाना बाकी है. 

टेरीजा ने दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड की अपनी मैडनहेड सीट पर भले ही 37,780 मतों से जीत हासिल कर ली लेकिन संसद में बहुमत खोने के बाद उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है. परिणाम की अंतिम घोषणा से पहले टेरीजा ने कहा कि ब्रिटेन को स्थिरता की आवश्यकता है. बीबीसी (आईटीवी) स्काई चैनल के लिए किए एनओपी:आईपीएसओएस एमओआरआई के पोल के अनुसार जेरेमी कोर्बिन के नेतृत्व वाली विपक्षी लेबर पार्टी को वर्ष 2015 की 232 सीट की तुलना में 266 सीटें मिलने का अनुमान है. 

टेरीजा ने त्रिशंकु संसद संबंधी एग्जिट पोल की संभावनाओं को स्वीकार करने और बड़ी जीत हासिल करने की उनकी उम्मीदों के धराशायी होने की बात से सहमत होने का संकेत देते हुए कहा, कंजर्वेटिव पार्टी सबसे अधिक मत हासिल करने की राह पर है और स्थिरता मुहैया कराना हमारा कर्तव्य होगा. विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने टेरीजा मे को जाने के लिए कहा ताकि उनकी पार्टी के लिए राह बन सके.

उन्होंने कहा, राजनीति बदल गई है और लोग कह रहे हैं कि अब बहुत हो चुका. मुझे परिणाम पर गर्व है. प्रधानमंत्री ने चुनाव कराए क्योंकि वह जनादेश चाहती थीं और जनादेश यह है कि उन्होंने सीटें गंवा दी हैं. कोर्बिन ने पहले भी ट्विटर पर दावा किया था कि लेबर पार्टी ने ब्रितानी राजनीति का चेहरा बदल दिया है.

इस बीच न्यूकैसल ने स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे नतीजों की घोषणा करने वाला पहला निर्वाचनक्षेत्र बनकर इतिहास रच दिया. यहां नतीजे लेबर पार्टी के पक्ष में रहे. ब्रिटेन में संसद का कार्यकाल पांच साल का होता है. ब्रिटेन में पिछला चुनाव साल 2015 में हुआ था. पिछले साल ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से अलग होने (ब्रेक्जिट) को लेकर हुए जनमत संग्रह में जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने को बहुमत दिया था.

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.