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संयुक्त राष्ट्र ने कहा, लीबिया में प्रवासियों के अत्याचार पर 'आंखे मूंदे' हुए है यूरोपीय संघ

लीबिया के रास्ते यूरोप जाने वाले मार्ग पर कठोर नीति अपनाने एवं तुर्की-ग्रीस मार्ग पर प्रतिबंध लगाने से शरणार्थियों को मोरक्को से स्पेन मछली मारने वाली नौकाओं से जिब्राल्टर जलडमरू मध्य के मार्ग से जाना पड़ रहा है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान पर खतरा बना रहता है.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा, लीबिया में प्रवासियों के अत्याचार पर 'आंखे मूंदे' हुए है यूरोपीय संघ
संरा ने कुछ मामलों में महिलाओं के साथ रोजाना बलात्कार होने समेत इस प्रकार की अनेक घटनाओं का ब्यौरा दिया. (फाइल फोटो)

जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया में प्रवासियों पर होने वाली क्रूरता के लिये यूरोपीय संघ पर ‘‘आंखें मूंदने’’ का आरोप लगाया और उनकी रक्षा के लिये ‘‘कड़ी कार्रवाई" करने का आग्रह किया. संयुक्त राष्ट्र के मानवााधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने शुक्रवार (8 सितंबर) को कहा, ‘‘कुछ प्रवासी प्यास से, भूख से या बहुत आसानी से ठीक होने वाली बीमारियों के कारण मर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को बंधुआ मजदूर के तौर पर काम कराते हुये यातना दी जाती है या पीटा जाता है, जबकि अन्य लोगों की अचानक हत्या कर दी जाती है.’’

जैद ने कुछ मामलों में महिलाओं के साथ रोजाना बलात्कार होने समेत इस प्रकार की अनेक घटनाओं का ब्यौरा दिया और कहा कि देश में लीबिया के हिरासत केन्द्रों में अधिकारियों के हाथों लाखों प्रवासी पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि उनकी हालत तानाशाह मुअम्मार गद्दाफी के शासन के दौरान "भयावह" थी, लेकिन उनको हटाए जाने के बाद स्थिति ‘‘नरकीय’’ हो गयी है.

उल्लेखनीय है कि इटली और यूरोपीय संघ दलालों को प्रवासियों और शरणार्थियों को नावों के जरिये भूमध्यसागर से यूरोप पहुंचाने से रोकने के लिए लीबिया के तटरक्षक बलों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और अन्य सहायता प्रदान करते रहे हैं. इसके बाद यहां पहुंचने वाले प्रवासियों को नजरबंदी केन्द्रों में भेज दिया जाता हैजहां उन्हें घोर यातनाओं का समाना करना पड़ता है.

भूमध्यसागर में 2015 से अब तक 8500 लोगों की मौत
संयुक्त राष्ट्र की ओर से शुक्रवार (1 सितंबर) को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से अब तक भूमध्यसागर पार करने के कोशिश में 8500 लोग या तो मारे गए हैं या लापता हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) की ओर से 'द गार्जियन' के हवाले से जारी आंकड़ों के मुताबिक, यूरोप के तटों पर पहुंचने के प्रयास में सितंबर 2016 से अब तक 4337 शरणार्थी भूमध्यसागर में डूब गए.

इनमें से अधिकांश की मौत लीबिया से इटली, तुर्की से यूनान और मोरक्को से स्पेन जाने के दौरान हुई है. इससे पहले एक सितंबर 2015 से अगस्त 2016 के बीच भूमध्यसागर पार करने की कोशिश में अन्य 4185 शरणार्थियों की मौत हुई थी. लीबिया के रास्ते यूरोप जाने वाले मार्ग पर कठोर नीति अपनाने एवं तुर्की-ग्रीस मार्ग पर प्रतिबंध लगाने से शरणार्थियों को मोरक्को से स्पेन मछली मारने वाली नौकाओं से जिब्राल्टर जलडमरू मध्य के मार्ग से जाना पड़ रहा है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान पर खतरा बना रहता है.

(इनपुट एजेंसी से भी)