वित्तीय सहायता के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान की सेना को दिया बड़ा झटका

सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए फंड अमेरिकी सरकार के अंतर्राष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम (आईएमईटी) से जारी होता है लेकिन अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए पाकिस्तान को धन उपलब्ध नहीं कराया गया.

वित्तीय सहायता के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान की सेना को दिया बड़ा झटका
अमेरिकी सरकार की ओर से कहा गया है कि वह अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए पाकिस्तान को धन उपलब्ध नहीं कराया गया.

वॉशिंगटन : अमेरिकी प्रशासन द्वारा पाकिस्तान को सैन्य प्रशिक्षण के लिए फंड मुहैया नहीं कराए जाने के बाद अमेरिकी सैन्य संस्थान अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए पाकिस्तान के अधिकारियों के लिए निर्धारित 66 स्लॉटों को भरने के लिए जूझ रहा है. 'डॉन ऑनलाइन' ने सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए फंड अमेरिकी सरकार के अंतर्राष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम (आईएमईटी) से जारी होता है लेकिन अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए पाकिस्तान को धन उपलब्ध नहीं कराया गया.

डॉन को पहले अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (एनडीयू), वॉशिंगटन से फंड रोकने के बारे में पता चला, जो पाकिस्तानी अधिकारियों के लिए एक दशक से अधिक समय तक कोटा आरक्षित करते आया है. एनडीयू कई अमेरिकी सैन्य संस्थानों में से एक है जो पाकिस्तान के अधिकारियों को प्रशिक्षित करता है.

ट्रंप प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर मतभेदों के चलते वह पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रोक रहा है लेकिन संकेत दिया था कि सैन्य अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रहेगा. पाकिस्तानी अधिकारियों के लिए निर्धारित स्लॉट को रद्द करने से पता चलता है कि फंड का रोका जाना अब प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी लागू होता है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों में जनवरी में उस समय खटास आ गई थी जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद पर वाशिंगटन से ‘‘धोखा एवं छल’’ करने और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने का आरोप लगाया था. अमेरिकी कांग्रेस ने पाकिस्तान रक्षा सहायता को कम कर 15 करोड़ डालर करने के लिए एक विधेयक भी पास किया था.यह सालाना इस मद में मिलने वाली एक अरब डालर की राशि से काफी कम है.

 

(इनपुटःआईएएनएस)