अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले, 'रॉयटर के पत्रकारों को तत्काल रिहा करे म्यामांर'

अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने म्यामांर से संवाद समिति रॉयटर के दो पत्रकारों को तत्काल रिहा करने को कहा है, जिन्हें सरकारी गोपनीयता कानून के तहत दोषी करार दे कर सात-सात साल की सजा सुनाई गई है.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले, 'रॉयटर के पत्रकारों को तत्काल रिहा करे म्यामांर'
(फाइल फोटो)

यांगून: अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने म्यामांर से संवाद समिति रॉयटर के दो पत्रकारों को तत्काल रिहा करने को कहा है, जिन्हें सरकारी गोपनीयता कानून के तहत दोषी करार दे कर सात-सात साल की सजा सुनाई गई है. रॉयटर के पत्रकारों- वा लोने और क्याव सो ओ को सोमवार को सजा सुनाई गई. इसकी आलोचना दुनिया भर में हो रही है और अदालती सुनवाई को अनुचित बताया जा रहा है. इन दोनों पत्रकारों ने म्यामांर की सेना के उग्रवादी रोधी क्रूरतम अभियान की रिपोर्टिंग की थी. यह विषय म्यामांर में बेहद संवेदनशील है, क्योंकि सेना के मानवाधिकार अपराधों की आलोचना दुनिया भर में हो रही है.

पत्रकारों को नहीं मिलनी चाहिए सजा- पेंस
पेंस ने मंगलवार को ट्वीट किया कि इन दोनों पत्रकारों की तारीफ होनी चाहिए ना कि इन्हें मानवाधिकार उल्लंघन और बड़े पैमाने पर लोगों की हत्याओं को बेनकाब करने के लिए जेल भेजा जाना चाहिए. एक के बाद एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'धर्म की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता किसी भी मजबूत लोकतंत्र के लिए आवश्यक है.' संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी म्यामांर के प्राधिकारियों को इस फैसले की समीक्षा करने की अपील करते हुए कहा, 'हम बर्मा की सरकार से इस फैसले को पलटने और तत्काल उन दोनों को रिहा करने की अपील करते हैं.' 

पत्रकारों के परिजनों में है चिंता का माहौल
दोनों पत्रकार की पत्नियों ने कहा कि वह सात साल की जेल की सजा की खबर से दुखी और स्तब्ध हैं. वा लोने की पत्नी पान एई मोन ने कहा कि उन्होंने ऐसी कठोर सजा की उम्मीद नहीं की थी, क्योंकि सब को पता है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. मोन 10 अगस्त को मां बनी हैं, लेकिन उनके पति अपनी बेटी को अभी तक नहीं देख पाए हैं. क्याव सो ओ की पत्नी चित सू ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके पति घर आएंगे. उनकी तीन साल की बेटी है. उन्हें सरकार से अब भी दया की उम्मीद है. एक पत्रकार के नाते उनके पति ने अपना फर्ज निभाया है और उन्हें इस पर गर्व है.

(इनपुट भाषा से)