दुनिया में न्यूक्लिर हथियारों के विस्तार पर क्या बोले वीटो पॉवर वाले ये देश

भारत, पाकिस्तान और इजराइल ने NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

दुनिया में न्यूक्लिर हथियारों के विस्तार पर क्या बोले वीटो पॉवर वाले ये देश
प्रतीकात्मक फोटो

बीजिंग: चीन (China) के विदेश मंत्रालय ने नाभिकीय अप्रसार संधि (NPT) के बारे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता वाले 5 देश चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के विदेश मंत्रियों का संयुक्त बयान जारी किया है. इन 5 देशों के विदेश मंत्रियों ने भावी पीढ़ी के लिए इस संधि को बनाए रखने का वचन दिया है. इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि NPT 5 मार्च 1970 को औपचारिक रूप से प्रभावी हुई थी. 50 साल बाद हमने दुनिया भर के देशों और जनता की सुरक्षा और समृद्धि बनाए रखने में इस महत्वपूर्ण संधि के बड़े योगदान किये और इसमें निर्धारित सभी वचन को दोहराया.

संयुक्त बयान में कहा गया है कि लंबे समय से यह संधि दुनिया में नाभिकीय प्रसार का खतरा दूर करने का महत्वपूर्ण आधार रही है, जो सभी सदस्य देशों के हित के अनुरूप है. 5 देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने संधि का पालन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हम लगातार एजेंसी का पूरा समर्थन करते रहेंगे और आशा करते हैं कि अन्य सदस्य देश भी ऐसा करेंगे.

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नाभिकीय अप्रसार संधि (NPT) क्या है

NPT न्यूक्लियर हथियारों का विस्तार रोकने और न्यूक्लियर तकनीक के शांतिपूर्ण ढंग से उपयोग को बढ़ावा देने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा है. NPT 5 मार्च 1970 को औपचारिक रूप से प्रभावी हुई थी. अब तक दुनिया के 187 देशों ने NPT पर हस्ताक्षर किए हैं. NPT पर हस्ताक्षर करने वाले देश कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना सकते हैं. हालांकि ऐसे देश शांतिपूर्ण उद्देश्यों से परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसकी निगरानी अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के पर्यवेक्षक करते हैं.

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बता दें कि भारत, पाकिस्तान और इजराइल ने NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. उत्तर कोरिया NPT से पहले ही अलग हो चुका है.

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