अमेरिका ने फिर पाकिस्तान को चेताया, आतंकी समूहों के खिलाफ ठोस कदम उठाने को कहा

अमेरिका ने पाकिस्तान को ‘‘विशिष्ट एवं स्पष्ट’’ कदम बताए हैं जिससे उसकी जमीन से आतंक का सफाया किया जा सकता है.

अमेरिका ने फिर पाकिस्तान को चेताया, आतंकी समूहों के खिलाफ ठोस कदम उठाने को कहा

वॉशिंगटन: अमेरिका ने मंगलवार (9 जनवरी) को पाकिस्तान से तालिबान और हक्कानी नेटवर्क सहित सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ लड़ने के लिए निर्णायक कदम उठाने को कहा है, जो (आतंकवादी समूह) उसकी जमीन से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. साथ ही उसने पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की बात भी कही. पेंटागन के प्रेस सचिव आर्मी कर्नल रॉब मैनिंग ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारी उम्मीदें स्पष्ट हैं, तालिबान एवं हक्कानी नेतृत्व और हमलों के अन्य साजिशकर्ताओं को पाकिस्तान में सुरक्षित पनाहगाह या वहां से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किसी प्रकार की मदद नहीं मिलनी चाहिए.’’ उन्होंने बताया कि अमेरिका ने पाकिस्तान को ‘‘विशिष्ट एवं स्पष्ट’’ कदम बताए हैं जिससे उसकी जमीन से आतंक का सफाया किया जा सकता है.

मैनिंग ने कहा, ‘‘हम बिना किसी भेदभाव के पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली 90 करोड़ डॉलर की सहायता राशि रोकी गई है उसे रद्द नहीं किया गया है. मैनिंग ने कहा, ‘‘सहायता राशि रोकी गई है उसे रद्द नहीं किया गया है, क्योंकि हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान आतंकवाद एवं उग्रवादी समूहों के खिलाफ निर्णयक कदम उठाएगा, जो हम चाहते हैं.’’ ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में पाकिस्तान को दी जाने वाली करीब दो अरब डॉलर की सहायता राशि पर रोक लगा दी थी.

पाकिस्तान के साथ खड़ा हुआ चीन, आतंकवाद से जुड़े मामलों में अमेरिका ने उठाई है उंगली

इससे पहले चीन ने सोमवार (8 जनवरी) को स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान पर ‘उंगली उठाने’ और उसे आतंकवाद के साथ जोड़ने का वह विरोध करता है. बीजिंग ने इस पर जोर दिया कि आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी किसी देश विशेष पर नहीं डाली जा सकती है. पाकिस्तान पर अपने देश में मौजूद आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने को लेकर बढ़ते अमेरिकी दबाव के बीच चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया है. तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में नाकाम रहने को लेकर अमेरिका ने सुरक्षा सहायता के रूप में पाकिस्तान को दी जाने वाली दो अरब डॉलर की राशि पिछले सप्ताह रोक दी थी.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘चीन हमेशा से आतंकवाद का संबंध देश विशेष से जोड़ने के खिलाफ रहा है. हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की जिम्मेदारी किसी देश विशेष पर डालने पर सहमत नहीं है.’ लु कांग व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के बयान पर जवाब दे रहे थे, जिसमें अधिकारी ने कहा था कि चीन पाकिस्तान को यह समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है कि आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाह के खिलाफ कार्रवाई करना उसके अपने हित में है.

(इनपुट एजेंसी से भी)