US: बोइंग को लगा बड़ा झटका, कंपनी को लेना पड़ा इतने अरब डॉलर का कर्ज

एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों ने कहा है कि यह राशि काफी बड़ी है उम्मीद से भी दो अरब अधिक है. उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि दो बार विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कंपनी पर लगे प्रतिबंध के कारण इसे प्रति माह लगभग एक अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है.

US: बोइंग को लगा बड़ा झटका, कंपनी को लेना पड़ा इतने अरब डॉलर का कर्ज
फाइल फोटो

वॉशिंगटन: अमेरिकी (US) विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing) को अपने 737 मैक्स जेट पर संकट को कम करने के लिए मदद के तौर पर एक दर्जन से अधिक बैंकों से 12 अरब डॉलर (Dollar) लेने पड़े हैं. पिछले दिनों हुई घातक दुर्घटनाओं के बाद कंपनी के 737 मैक्स जेट के डिजाइन पर दुनियाभर में सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

एफे न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में कॉर्पोरेट लिक्विडिटी कंपनी के लिए चिंता का विषय नहीं थी, लेकिन तथ्य यह है कि फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने इथियोपिया व इंडोनेशिया (Indonesia) में दो दुर्घटनाओं के बाद कंपनी पर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रतिबंध जारी रखे, जिससे बोइंग कर्ज के लिए मजबूर हो गई. 

पिछले दिनों हुई इन दुर्घटनाओं में कुल 346 लोग मारे गए थे. सोमवार को सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों ने कहा है कि यह राशि काफी बड़ी है उम्मीद से भी दो अरब अधिक है. उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि दो बार विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कंपनी पर लगे प्रतिबंध के कारण इसे प्रति माह लगभग एक अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है.

तीसरी तिमाही में बोइंग ने नकारात्मक मुक्त नकदी प्रवाह (नेगेटिव फ्री कैश फ्लो) में लगभग तीन अरब डॉलर की सूचना दी थी. हाल के महीनों में बोइंग ने 737 मैक्स से जुड़े घोटालों को भी महसूस किया था, जिसके बाद कंपनी की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए. विमान की सुरक्षा के बारे में नए सवाल भी उठाए गए हैं.

बोइंग 737 मैक्स की सुरक्षा के बारे में तकनीशियनों और कर्मचारियों के बीच विश्वास की कमी का खुलासा भी हो चुका है. इसके अलावा इस महीने की शुरुआत में एफएए द्वारा एक ऑडिट में वायरिंग से जुड़ी नई संभावित समस्याओं का भी पता चला है, जो जेट के पिछले हिस्से को नियंत्रित करने में मदद करता है. संभावना है कि ये समस्याएं शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकती हैं. पिछले दिनों हुईं दुर्घटनाओं के कारण बोइंग 737 मैक्स की उड़ानों पर भारत सहित कई देशों ने प्रतिबंध लगा दिया था.

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