US के इस पहाड़ पर बार-बार क्यों लग जाती है आग? Scientist ने खोला राज

US Forest Fire: आग की घटनाओं में पिछले 2000 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ जैसा 21वीं सदी में हो रहा है. पहले की तुलना में आग लगने की घटनाएं दोगुनी हो गई हैं. हर 230 साल में एक बार झीलों के आसपास के जंगल (Forest) ज्यादा प्रभावित हुए.

US के इस पहाड़ पर बार-बार क्यों लग जाती है आग? Scientist ने खोला राज
फाइल फोटो: (रॉयटर्स)

मोंटाना: अमेरिका (US) के पश्चिमी में असाधारण सूखे और 2020 में आग लगने की रिकॉर्ड घटनाओं के बाद लोग हैरान परेशान हैं. पिछले साल, कोलोराडो (Colorado) ने इस राज्य के इतिहास की तीन सबसे बड़ी आग (Biggest Fire) का सामना किया था. साक्ष्यों के मुताबिक 2020 के आग के मौसम ने देश के इको सिस्टम यानी पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystems) को बुरी तरह प्रभावित किया है.

बेहद चिंताजनक हैं हालात

वैज्ञानिकों ने गहन अध्ययन के बाद शोध में जुटाए सबूत 14 जून को साइंस जर्नल में प्रकाशित करके सार्वजनिक भी किए हैं. ऐसे ही एक अहम सबूत की बात करें तो वो इस बात की ओर इशारा देते हुए गंभीर चेतावनी दे रहा है कि किस कदर ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) हमारे इकोसिस्टम को प्रभावित कर रही है. साफ है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) उस पारिस्थितिक तंत्र (Eco System) को बदल रहा है जिस पर जीवन और अर्थव्यवस्थाएं निर्भर हैं.

जारी की गई है चेतावनी

तकरीबन एक दशक पहले हुई एक स्टडी में चेतावनी दी गई थी कि 21 वीं सदी के मध्य तक, जलवायु ताप बढ़ने से ज्वलनशीलता पुराने ऐतिहासिक स्तरों और कुछ शिला पर्वतीय जंगलों को बदल सकती है. हमारे परिणाम दिखाते हैं कि आग की गतिविधि में ऐसे बदलाव अब चल रहे हैं. जीवाश्म विज्ञानी के रूप में ऐसे वैज्ञानिक अध्ययन किए जाते हैं कि अतीत में पारिस्थितिक तंत्र कैसे और क्यों बदल गए. पिछले कुछ सालों में ये तथ्य तेजी से साफ हुआ है कि दुनिया के कई पारिस्थितिक तंत्र अज्ञात स्थिति में प्रवेश कर रहे हैं.

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झील में संरक्षित पिछली आग के साक्ष्य

जब आग जंगल को जलाती है, तो इससे हवा में लकड़ी के कोयले के छोटे-छोटे टुकड़े उड़ते है. अगर जंगल के पास कोई झील है तो लकड़ी के कोयले के टुकड़े झील की तलहटी में जाकर पुरानी लेयर से जुड़ जाते हैं. पेड़ के तनों और टहनियों की कार्बन डेटिंग हमें झील से निकलने वाली हर परत की उम्र निर्धारित करने में मदद करती है. घने चारकोल परतें हमें बताती हैं कि आग कब लगी होगी.

इस तरह आए परिणाम

आग लगने की इन घटनाओं में पिछले 2000 वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ जैसा 21वीं सदी में हो रहा है. पहले की तुलना में आग लगने की घटनाएं दोगुनी हो गई हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि औसतन हर 230 साल में एक बार झीलों के आसपास के जंगलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा होगा.

अनुसंधान स्पष्ट रूप से पश्चिम में आग की गतिविधियों में हालिया वृद्धि को तेजी से गर्म, शुष्क ग्रीष्मकाल और मानव-जनित जलवायु परिवर्तन से जोड़ता है. हमारे साक्ष्य से पता चलता है कि पिछले 2,000 वर्षों में जलने की दर ने केंद्रीय शिला पर्वत क्षेत्रों में जलवायु में छोटे बदलावों का भी पता लगाया है.

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गर्म, शुष्क परिस्थितियां वनस्पति को अधिक ज्वलनशील बनाती हैं और बड़ी आग की संभावना को बढ़ा देती है. मानवीय गतिविधियां, पूर्व में लगी अधिकांश आग कीड़े मकोड़ों से प्रभावित पेड़ यह बताते हैं कि आग कब, कहां और कैसे लगी. ये प्रभाव पूरे पश्चिमी क्षेत्र में अलग-अलग हैं जो 21 वीं सदी की गर्म और शुष्क परिस्थितियों में सबसे ऊपर है.

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