US Venezuela tensions: अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो, उनके परिवार और तेल से जुड़ी कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन वही कड़ा दबाव वाला तरीका अपना रहा है, जैसा कभी इराक में सद्दाम हुसैन के खिलाफ अपनाया गया था.
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US Venezuela tensions: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके परिवार पर अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. खास बात यह है कि इन प्रतिबंधों में मादुरो की पत्नी के दो भतीजों, उनसे जुड़ी छह शिपिंग कंपनियों और कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है. अमेरिका का दावा है कि ये टैंकर और कंपनियां मादुरो सरकार को आर्थिक मदद देती थीं.
क्या है अमेरिका की नई कार्रवाई?
अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के कच्चे तेल ले जा रहे कुछ टैंकरों को जब्त कर लिया और उन्हें अपने तट पर पहुंचा दिया है. इस कदम पर मादुरो भड़क गए और इसे समुद्री डकैती बताया है. अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि वेनेजुएला की छह शिपिंग कंपनियों पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है क्योंकि वे भ्रष्ट शासन को सपोर्ट कर रही थीं. मादुरो के दो भतीजे फ्रांकी फ्लोरेस और एफ्रेन कैंपो भी इस सूची में शामिल हैं. अमेरिका की ड्रग एजेंसी इन्हें नार्को-नेफ्यूज कहती है. 2015 में इन्हें हैती में ड्रग तस्करी के केस में पकड़ा गया था और 18 साल की सजा सुनाई गई थी. बाद में 2022 में वेनेजुएला और अमेरिका के बीच कैदियों की अदला-बदली में दोनों को रिहा कर दिया गया था.
मादुरो की जवाब
मादुरो ने अमेरिका के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि अमेरिका शासन परिवर्तन चाहता है, लेकिन वे कभी झुकेंगे नहीं, चाहे ट्रंप कुछ भी कर लें.
सद्दाम हुसैन के खिलाफ भी अपनाई गई थी ये रणनीति
कई विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन वही रणनीति अपना रहा है, जो कभी इराक में सद्दाम हुसैन के खिलाफ अपनाई गई थी. जैसे एक नेता को तानाशाह बताना, उसके देश को खतरा घोषित करना साथ ही आर्थिक प्रतिबंध लगाना. इराक में भी प्रतिबंध इतने बढ़ाए गए थे कि देश टूटने की कगार पर पहुंच गया था. इसके बाद सेना ने टेक ओवर किया था. जिसके कारण लाखों लोग मारे गए और अंत में देश बर्बादी में डूब गया.
सद्दाम हुसैन की कैसे हुई थी मौत
इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 1982 में दुजैल शहर में 148 विरोधियों की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था. इसी जुर्म में इराक की अदालत ने नवंबर 2006 में उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी.
क्या वेनेजुएला अगला इराक बनेगा?
अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियां, टैंकरों की जब्ती और कड़े प्रतिबंध यह संकेत दे रहे हैं कि हालात गंभीर दिशा में बढ़ रहे हैं. अगर वेनेजुएला पर दबाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह संघर्ष सिर्फ आर्थिक नहीं रहेगा, बल्कि स्थिति राजनीतिक और सैन्य टकराव तक पहुंच सकती है.
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