'उत्तर कोरिया के साथ परमाणु युद्ध न हो, इसके लिए अमेरिका पूरी कोशिश करेगा'

डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा था कि अमेरिका के पास कोई विकल्प नहीं होगा और वह उत्तर कोरिया को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा.

'उत्तर कोरिया के साथ परमाणु युद्ध न हो, इसके लिए अमेरिका पूरी कोशिश करेगा'
उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर सकता है. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीव मनुचिन ने रविवार (24 सितंबर) को कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया के साथ परमाणु युद्ध की स्थिति से बचना चाहते हैं. मनुचिन ने कहा, "ट्रंप परमाणु युद्ध नहीं चाहते और हम इस स्थिति से बचने के हरसंभव प्रयास करेंगे." उन्होंने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि राष्ट्रपति की प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों और हमारे साझेदार देशों की सुरक्षा है." ट्रंप ने मंगलवार (19 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा था कि अमेरिका के पास कोई विकल्प नहीं होगा और वह उत्तर कोरिया को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा.

ट्रंप की इस धमकी के बाद उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर सकता है. रविवार (24 सितंबर) को हुए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, अमेरिका की एक बड़ी जनसंख्या उत्तर कोरिया पर किसी तरह के हमले के विरोध में है और अधिकतर अमेरिकी नागरिक परमाणु संकट को सुलझाने के लिए ट्रंप के बजाए अमेरिकी सेना पर अधिक विश्वास करते हैं.

वॉशिंगटन पोस्ट-एबीसी न्यूज पोल के मुताबिक, 67 फीसदी अमेरिकी नागरिकों को विश्वास है कि अमेरिका को उत्तर कोरिया द्वारा उसके और उसके साझेदार देशों पर हमला करने की स्थिति में ही उस पर सैन्य हमला करना चाहिए. उत्तर कोरिया परमाणु मुद्दा सुलझाने के लिए ट्रंप पर सिर्फ 37 फीसदी अमेरिकी नागरिक ही भरोसा करते हैं जबकि 42 फीसदी को ट्रंप पर भरोसा नहीं है.

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इससे पहले उत्तर कोरिया की एक समिति ने कई अंतर्राष्ट्रीय संसदों को एक खुला पत्र भेजकर अमेरिकी राष्ट्रपति 'डोनाल्ड ट्रंप के झगड़ालू रवैये' की निंदा की. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तर कोरियाई संसद की विदेशी मामलों की समिति द्वारा पत्र रविवार को भेजा गया लेकिन यह नहीं बताया कि इसे किस-किस को भेजा गया है. पत्र में ट्रंप द्वारा 19 सितम्बर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में की गई उस टिप्पणी की निंदा की गई, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया को पूरी तरह तबाह करने की धमकी दी थी और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन को 'रॉकेट मैन' कहा था.

समाचार एजेंसी एफे न्यूज ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि प्योंगयांग ने ट्रंप की इस टिप्पणी को 'कोरियाई लोगों का असहनीय अपमान, उत्तर कोरिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा व वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा' बताया है. पत्र के मुताबिक, "अगर ट्रंप सोचते हैं कि वह परमाणु शक्ति संपन्न उत्तर कोरिया को परमाणु युद्ध की धमकी देकर घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे तो यह उनका बहुत बड़ा गलत अनुमान और अज्ञानता है." पत्र में कहा गया है कि अपने कार्यकाल के पहले दिन से ट्रंप ने मनमाने तरीके से काम किया है. अंतर्राष्ट्रीय कानून व समझौते खत्म कर दिए और पूरी दुनिया की कीमत पर अमेरिका के फायदे को प्राथमिकता दिया. प्योंगयांग ने विश्वास जताया कि विभिन्न देशों की संसद आजादी, शांति व न्याय पसंद करने वाली हैं और इस मौके को अपने कर्तव्यों को पूरा करने में इस्तेमाल करेंगी.