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युद्ध स्मारक : तुम गुमनाम हो, तुम्हारा काम अमर है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सेकेंड वर्ल्ड वार में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाए गए सोवियत स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों के मकबरे पर पुष्पचक्र चढ़ाया। यह युद्ध स्मारक यहां एलेक्जांद्र गार्डन में क्रेमलिन वॉल पर स्थित है। प्रधानमंत्री कड़ाके की ठंड के बीच युद्ध स्मारक पर जलती ज्योति के करीब कुछ मिनट तक खड़े रहे जिसकी रोशनी में स्मारक की कांस्य पट्टिका पर लिखे ये शब्द चमक रहे थे ‘तुम गुमनाम हो, तुम्हारा काम अमर है।’

युद्ध स्मारक : तुम गुमनाम हो, तुम्हारा काम अमर है

मॉस्को : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सेकेंड वर्ल्ड वार में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाए गए सोवियत स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों के मकबरे पर पुष्पचक्र चढ़ाया। यह युद्ध स्मारक यहां एलेक्जांद्र गार्डन में क्रेमलिन वॉल पर स्थित है। प्रधानमंत्री कड़ाके की ठंड के बीच युद्ध स्मारक पर जलती ज्योति के करीब कुछ मिनट तक खड़े रहे जिसकी रोशनी में स्मारक की कांस्य पट्टिका पर लिखे ये शब्द चमक रहे थे ‘तुम गुमनाम हो, तुम्हारा काम अमर है।’
 

1941 में ‘मॉस्को की लड़ाई’ में शहीद हुए रूसी सैनिकों के अवशेषों को पहले जेलेनोग्राद शहर में लेनिनग्राद राजमार्ग से 40 किलोमीटर दूर शित्यकी स्मारक में सामूहिक कब्र में दफनाया गया था। दिसंबर 1966 में इस युद्ध की 25वीं वषर्गांठ के मौके पर इन अवशेषों को क्रेमलिन वॉल पर लाकर दफनाया गया। ‘गुमनाम सैनिकों के स्मारक’ का डिजाइन वास्तुशिल्पी डीआई बुर्दिन, वीए कलिमोव, यू आर रबायेव और शिल्पकार निकोलाई तोम्स्की ने तैयार किया था।

8 मई 1967 को इस स्मारक का उद्घाटन किया गया था। गहरे लाल रंग के इस स्मारक पर एक बैनर के ऊपर सैनिक का हेलमेट रखा हुआ है। स्मारक के बायीं तरफ एक ग्रेनाइट की दीवार पर गुदा हुआ है ‘1941 : मातृभूमि के लिए शहीद होने वाले 1945’।