अमेरिका ने 'क्रीमिया घोषणापत्र' को किया जारी, कहा- रूस पर लगाएंगे नए प्रतिबंध

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने रूस के क्रीमिया पर नियंत्रण को खारिज करते हुए 'क्रीमिया घोषणापत्र' को जारी करने के बाद कहा कि वह रूस पर नए प्रतिबंध विधेयक को लेकर कांग्रेस के साथ कार्य करने को प्रतिबद्ध हैं. 

अमेरिका ने 'क्रीमिया घोषणापत्र' को किया जारी, कहा- रूस पर लगाएंगे नए प्रतिबंध
ट्रंप ने कुछ दिन पहले पुतिन के साथ दो घंटे से ज्यादा देर तक बैठक की.(फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने रूस के क्रीमिया पर नियंत्रण को खारिज करते हुए 'क्रीमिया घोषणापत्र' को जारी करने के बाद कहा कि वह रूस पर नए प्रतिबंध विधेयक को लेकर कांग्रेस के साथ कार्य करने को प्रतिबद्ध हैं. सीनेट विदेश संबंध समिति के समक्ष बयान देते हुए पोम्पियो ने बुधवार को कहा कि वह विश्व भर में रूस के व्यवहार पर उसकी जवाबदेही तय करने वाले विधेयक का समर्थन करेंगे.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मॉस्को के कथित खराब व्यवहार के लिए प्रतिबंध बढ़ाने की आवश्यकता की पुष्टि की और कहा कि अगर इसके लिए सही वजह मिलती है तो प्रतिबंध बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि रूसी व्यक्तियों और कुलीन वर्गों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रतिबंध की आवश्यकता है.  पोम्पियो ने कहा, "जो चीजें रूसी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं, मैंने सुना है कि रूसी उसे लेकर ही सबसे ज्यादा चिंतित रहते हैं. " उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन ना तो क्रीमिया पर क्रेमलिन के नियंत्रण को मान्यता देता है और न ही कभी देगा. 

ट्रंप ने पुतिन के साथ शिखर वार्ता को ‘काफी अच्छी शुरूआत’ बताया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने अपनी ऐतिहासिक शिखर वार्ता में दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच तनावपूर्ण संबंधों में नयी शुरूआत की प्रतिबद्धता जतायी. रूस के अमेरिकी राजनीति में हस्तक्षेप के आरोपों के बावजूद पुतिन के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने के इच्छुक ट्रंप ने शिखर वार्ता से पहले दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों के लिए अपने पूर्ववर्तियों की ‘‘बेवकूफी’’ को जिम्मेदार ठहराया था.

ट्रंप ने दुभाषियों की मौजूदगी में पुतिन के साथ दो घंटे से ज्यादा देर तक बैठक की
ट्रंप ने दुभाषियों की मौजूदगी में पुतिन के साथ दो घंटे से ज्यादा देर तक बैठक की जिसके बाद दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा टीमें भी उसमें शामिल हुईं. बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने संवाददाताओं से कहा , ‘‘ मुझे लगता है कि यह सबके लिए एक अच्छी , काफी अच्छी शुरूआत है. ’’ पुतिन के साथ बैठक करने के ट्रंप के फैसले से अमेरिका में बहुत सारे लोग बेचैन थे क्योंकि उन्हें चिंता थी कि ट्रंप पुतिन के साथ कोई बुरा सौदा ना कर लें.

अमेरिकी आलोचकों ने ट्रंप से हेलसिंकी शिखर वार्ता रद्द करने की भी मांग की थी
अमेरिकी आलोचकों ने 2016 के अमेरिकी चुनावों में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच में 12 रूसी सैन्य एजेंटों को अभ्यारोपित किए जाने के बाद ट्रंप से हेलसिंकी शिखर वार्ता रद्द करने की भी मांग की थी. लेकिन ट्रंप टस से मस नहीं हुए और बैठक हुई. ट्रंप ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच ‘‘ असाधारण संबंधों के निर्माण ’’ को लेकर आशान्वित हैं. 

दोनों नेताओं ने आज सीरिया , यूक्रेन से लेकर चीन और व्यापार शुल्क से लेकर अपने परमाणु आयुधों जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा की. फुटबॉल विश्व कप की सफल मेजबानी के लिए ट्रंप और दूसरे वैश्विक नेताओं की बधाइयों का आनंद उठा रहे पुतिन ने कहा , ‘‘ हमारे संबंधों एवं दुनिया की समस्याओं को लेकर एक मजबूत तरीके से बात करने का समय आ गया है. ’’

ट्रंप ने कहा, ‘‘ बेबाकी से कहूं तो पिछले कुछ सालों से दोनों देशों के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं
ट्रंप ने कहा, ‘‘ बेबाकी से कहूं तो पिछले कुछ सालों से दोनों देशों के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं. और मुझे सच में लगता है कि दुनिया हमारे बीच अच्छे संबंध देखना चाहती है. हम दो बड़ी परमाणु शक्तियां हैं. ’’ शिखर वार्ता शुरू होने से थोड़ी देर पहले ट्रंप से जब यह पूछा गया कि क्या वह चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप को लेकर पुतिन पर जोर डालेंगे , उन्होंने कहा , ‘‘ हम सहजता से बात करेंगे. ’’ 

ट्रंप ने दिन की शुरूआत अपने पूर्ववर्तियों पर जमकर तंज कसे
ट्रंप ने दिन की शुरूआत अपने पूर्ववर्तियों पर जमकर तंज कसते हुए की और कहा , “ अमेरिका की कई वर्षों की बेवकूफी और अब पीछे पड़ने के कारण रूस के साथ हमारे संबंध इस बुरे दौर तक पहुंच गए हैं. ” रूस के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के ट्वीट को ना सिर्फ लाइक किया बल्कि स्पष्ट संदेश के साथ रिट्वीट किया. उसने रिट्वीट करते हुए लिखा, “ हम सहमत हैं. ” 

इनपुट भाषा से भी