यमन में फैल सकती है भुखमरी, सऊदी अरब ने लगाई राहत सामग्री पर रोक

 संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख ने चेताया है कि अगर सऊदी अरब नीत गठबंधन ने यमन पर लगाई गई अपनी रोक नहीं हटाई और राहत सामग्रियों को देश में लाने की स्वीकृति नहीं दी तो यमन को बड़े पैमाने पर भुखमरी का सामना करना पड़ेगा.

यमन में फैल सकती है भुखमरी, सऊदी अरब ने लगाई राहत सामग्री पर रोक
यमन में करीब 70 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख ने चेताया है कि अगर सऊदी अरब नीत गठबंधन ने यमन पर लगाई गई अपनी रोक नहीं हटाई और राहत सामग्रियों को देश में लाने की स्वीकृति नहीं दी तो यमन को बड़े पैमाने पर भुखमरी का सामना करना पड़ेगा जिसमें लाखों लोगों का जीवन प्रभावित होगा. परिषद ने सहायक सामग्रियां लाने के लिए गठबंधन से यमन के हवाई और समुद्री संपर्क स्थलों को खुला रखने की मांग की. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव मार्क लोकॉक ने चेतावनी दी कि यह कई दशकों में सबसे बड़ा आकाल होगा और पीड़ितों की संख्या लाखों में पहुंच सकती है. मार्क लोकॉक ने यमन के संकट पर हुए एक सत्र में सुरक्षा परिषद को स्थिति से अवगत कराने के बाद आज संवाददाताओं से बात की. यमन में अरब नीत गठबंधन मार्च, 2015 से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहा है.

परिषद की अध्यक्षता कर रहे इटली के राजदूत सेबेस्टियानो कार्डी ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि परिषद के सदस्यों ने यमन में खौफनाक मानवीय स्थितियों पर चिंता जताई और यमन के सभी बंदरगाहों और हवाईअड्डों को कार्यशील रखने की महत्ता पर जोर दिया. गठबंधन ने यमन के हूती विद्रोहियों के रियाद हवाईअड्डे पर रोके गए एक मिसाइल हमले के बाद यमन की सीमाएं बंद कर दी थीं. यमन को मानवीय सकंट के मामले में पहले से नंबर एक घोषित कर चुके संयुक्त राष्ट्र ने इस फैसले पर निराशा जताई और चेताया कि देश में स्थितियां पहले से ही भयंकर हैं.

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कार्डी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल-अल-जुबेर से कल फोन पर बातचीत की और उन्हें कुछ संकेत दिए गए कि यमन में प्रवेश बिंदुओं को फिर से खोलने की समीक्षा की जाएगी. यमन के करीब एक करोड़ 70 लाख निवासियों को खाद्य सामग्री की सख्त जरूरत है. इनमें से 70 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं और हैजा के कारण दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति ने बताया कि मंगलवार को क्लोरिन की गोलियों की उसकी एक खेप को यमन की उत्तरी सीमा पर रोक दिया गया था. इन दवाइयों का प्रयोग हैजा के बचाव के लिए किया जाता है. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख ने कहा कि विद्रोहियों के कब्जे वाली राजधानी सना और सरकार के नियंत्रण वाले अदन शहर तक मानवीय सहायता पहुंचाने वाले विमानों की सेवाएं शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

उन्होंने भोजन, ईंधन और दवाएं पहुंचाने के लिए सभी समुद्री बंदरगाहों तक तत्काल प्रवेश देने का आह्वान किया. साथ ही उन्होंने गठबंधन से आगे किसी भी तरह की बाधा नहीं डालने का आश्वासन भी मांगा. विश्व के अरब देशों में से सबसे गरीब देश यमन, भोजन, ईंधन और दवाओं के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर है.