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ZEE जानकारी: पुराने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से जापान ने बना दिए ओलंपिक मेडल

जापान में अगले साल 24 जुलाई से Olampic games 2020 का आयोजन किया जाएगा. इसमे कुल पांच हज़ार विजेता खिलाड़ियों को Gold, Silver और Bronze Medals दिये जाएंगे .

ZEE जानकारी: पुराने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से जापान ने बना दिए ओलंपिक मेडल

अगले विश्लेषण से पहले आपसे एक सवाल . आप ख़राब हो चुके या इस्तेमाल में ना आने वाले मोबाइल फोन और दूसरे Electronic devices का क्या करते हैं . आप में से ज़्यादातर लोग कहेंगे कि इसे कबाड़ में फेंक देते हैं या बेच देते हैं लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जापान ने ऐसे मोबाइल फोन और Electronic devices से Olampic games के मैडल तैयार किए है .

जापान में अगले साल 24 जुलाई से Olampic games 2020 का आयोजन किया जाएगा. इसमे कुल पांच हज़ार विजेता खिलाड़ियों को Gold, Silver और Bronze Medals दिये जाएंगे . इन मैडल्स को जापान के लोगों के द्वारा इस्तेमाल किए गए ये मोबाइल फोन और Electronic devices से तैयार किया गया है . इस ख़बर को सुनकर आपको लग रहा होगा कि मोबाइल फोन और Electronic devices को तैयार करने में सोना, चांदी और दूसरी महंगी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है . लेकिन इनमें से ये धातू अलग करना आम इंसान के वश की बात नहीं है क्योंकि ये एक लंबी और महंगी प्रक्रिया है . 

Electronic waste से होने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखकर Olampic games की Organising कमेटी ने Tokyo 2020 Medal Project नाम की एक मुहिम शुरू की . इसमें जापान के लोगों से उनके पुराने मोबाइल फोन, टैबलेट, डिजिटल कैमरे और लैपटॉप इकट्ठे किये गये . करीब 2 साल तक चली इस मुहिम में 78 हज़ार टन से ज़्यादा Electronic waste इकट्ठा किया गया . इसमें मोबाइल फोन की संख्या 6 करोड़ से ज़्यादा थी . मैडल बनाने के लिए सबसे पहले इन Electronic device से Gold, Silver और Bronze जैसी घातुओं को अलग किया गया . इसके बाद इन सभी धातुओं को एक रासायनिक प्रकिया के तहत पिघलाया गया और एक लंबी प्रकिया के बाद Olampic Games के 5 हज़ार Medals तैयार किये गये . 

इससे पहले 2016 में हुए रियो Olampic में भी इस्तेमाल किये गये इलैक्ट्रोनिक सामान से medals बनाये गये थे लेकिन तब Recycled सामान का सिर्फ़ 30 प्रतिशत इस्तेमाल किया गया था लेकिन इस बार जापान में इसका 100 प्रतिशत इस्तेमाल किया गया है. ये पर्यावरण को बचाने के लिए एक बहुत बड़ी पहल है . 

पूरी दुनिया में हर साल करीब 50 करोड़ टन Electronic कचरा पैदा होता है . ये पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ा ख़तरा है लेकिन जापान की इस मुहिम से पर्यावरण को बचाने वाले सबसे बड़े खिलाड़ी का पुरस्कार दिया जा सकता है .