ZEE जानकारी: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्यों उठ रही हैं आजादी की आवाजें?

इस वक़्त पाकिस्तान बहुत दबाव में है.. और इस दबाव के बीच बलूचिस्तान के अंदर आज़ादी की उत्तेजना दिखाई दे रही है. वहां के लोग पाकिस्तान और वहां की सेना के अत्याचारों से तंग आ चुके हैं. 

ZEE जानकारी: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्यों उठ रही हैं आजादी की आवाजें?

जब भारत को गुस्सा आता है तो पाकिस्तान के टुकड़े हो जाते हैं. 1971 में भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे, लेकिन अब पाकिस्तान अपने इतिहास की सबसे बड़ी हार को भूलने लगा है. इस वक़्त पाकिस्तान बहुत दबाव में है.. और इस दबाव के बीच बलूचिस्तान के अंदर आज़ादी की उत्तेजना दिखाई दे रही है. वहां के लोग पाकिस्तान और वहां की सेना के अत्याचारों से तंग आ चुके हैं. 

बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 44 प्रतिशत है, और अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग हो गया तो दुनिया के नक्शे पर पाकिस्तान को ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाएगा . अगर पाकिस्तान ने कश्मीर का मोह त्याग कर बलूचिस्तान के लोगों को उनका हक नहीं दिया तो जल्द ही उनके देश को 44 प्रतिशत का Net Loss हो सकता है .

बलूचिस्तान एक ऐसा Conflict Zone बन चुका है.. जहां से कोई रिपोर्टिंग नहीं करता क्योंकि वहां पाकिस्तानी सेना का नियंत्रण है.. और वहां के सच को दुनिया के सामने रखना... आसान काम नहीं है. बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का कड़ा पहरा रहता है, ऐसे में जुल्म और अत्याचार की तस्वीरें दुनिया के सामने खुलकर नहीं आ पाती.

पाकिस्तान के अत्याचारों से परेशान बलूचिस्तान के लोग चोरी-छुपे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं. और तब वहां की हकीकत सामने आ पाती है. कई बार किसी घटना का वीडियो सामने आने में 20 दिन से लेकर एक महीना तक लग जाता है. पहले इस वीडियो को बनाया जाता है.. फिर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय़ करके लोग उन इलाक़ों में जाते हैं जहां Internet connectivity हो. इसके बाद ये Videos सोशल मीडिया पर Upload किए जाते हैं. आप समझ सकते हैं कि बलूचिस्तान किस तरह अधर्म से भरे युग में जी रहा है.

आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि बलूचिस्तान में निर्दोष नागरिकों की हत्या के पीछे....पाकिस्तान का अपना एक ख़ास मकसद है...और वो है चीन से दोस्ती और पैसा. बलूचिस्तान को कुदरत ने वो सारे संसाधन दिए हैं...जो किसी भी देश को मालामाल बना सकते हैं. लेकिन पाकिस्तान.... बलूचिस्तान को विकसित करने के बजाय, उसे चीन के फायदे के लिए बदहाल रखना चाहता है. इससे पाकिस्तान का एक और फायदा ये भी है... कि चीन को भारत की घेराबंदी करने का मौका मिल जाएगा. अब आप कुछ आंकड़ों और तथ्यों पर गौर कीजिए.

बलूचिस्तान पाकिस्तान का पश्चिमी प्रांत है...जिसकी राजधानी क्वेटा है. बलूचिस्तान 15 अगस्त 1947 से 27 मार्च 1948 तक एक आज़ाद क्षेत्र हुआ करता था. 11 अगस्त, 1947 को पाकिस्तान और बलूचिस्तान के शासकों के बीच, समझौते पर दस्तख़त हुए,जिसमें पाकिस्तान ने ये माना कि बलूचिस्तान एक आज़ाद राज्य है.

लेकिन अंग्रेज़ों के जाने के बाद पाकिस्तान ने...उस वक्त बलूचिस्तान के राजवंश से ज़बरदस्ती कुछ कागज़ात पर दस्तख़त करवाए...और बलूचिस्तान पर अपना अधिकार जताकर उसे हड़प लिया. इसके बाद बलूचिस्तान की आज़ादी का संघर्ष शुरू हुआ, कुछ समूहों ने पाकिस्तान के इस अत्याचार के खिलाफ हथियार उठा लिए. 

वर्ष 2004 में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के नेता...नवाब अकबर की हत्या करवा दी...उनपर आरोप लगाया गया कि वो बलूचिस्तान Liberation Army तैयार करके, पाकिस्तान के ख़िलाफ अपनी सेना खड़ी कर रहे हैं.

बलूचिस्तान के लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार, वहां ज़बरदस्ती दूसरी जाति के लोगों को बसा रही है, ताकि वहां रहने वाले बलोच लोग... अपने ही इलाक़े में अल्पसंख्यक बन जाएं. इस मुद्दे पर बलूचिस्तान में संघर्ष हुआ और वहां के लोगों के घरों पर हमले होने लगे. बलूचिस्तान के लोग इसे 'Fifth war of independence' यानी आज़ादी की 5वीं लड़ाई कहते हैं.

वर्ष 2011 में Human Rights Watch ने एक रिपोर्ट जारी की थी...जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान की सरकार ने बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचार किए हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2009 से 2010 के बीच 45 लोग अचानक ग़ायब कर दिए गए... और कई लोगों को फांसी दे दी गई.

वर्ष 1999 के बाद से लेकर अब तक बलूचिस्तान में रहने वाले 20 हज़ार से ज़्यादा लोग...आश्चर्यजनक तरीके से ग़ायब हो चुके हैं. और उनके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. जनवरी 2014 में बलूचिस्तान के खुज़दर ज़िले में कुछ कब्रें मिली थीं...जिनमें 169 लाशें दफ्न थीं...

पाकिस्तान की सेना, अर्धसैनिक बल और सरकार हमेशा से...बलूचिस्तान में हिंसा के लिए खुद को जिम्मेदार मानने से इनकार करते रहे हैं. इसके लिए वो इस इलाके में सक्रिय हथियारबंद समूहों को जिम्मेदार ठहराते हैं. आपने अक्सर ये भी सुना होगा कि पाकिस्तान आए-दिन भारत पर आरोप लगाता रहता है...कि बलूचिस्तान में अस्थिरता के लिए भारत ज़िम्मेदार है...लेकिन सच्चाई क्या है...ये पूरी दुनिया को पता है.

बलूचिस्तान के लोग मदद के लिए भारत की तरफ देख रहे हैं... ठीक उसी तरह जिस तरह पूर्वी पाकिस्तान के लोगों ने भारत से मदद की अपील की थी, और फिर बांग्लादेश का निर्माण हुआ था. आप बलूचिस्तान को बांग्लादेश In Making भी कह सकते हैं.

पाकिस्तान, बलूचिस्तान में अत्याचार करता है और कश्मीर पर भारत को लेक्चर देता है.