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Zee जानकारीः लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला के लोग भूख से त्राहिमाम क्यों कर रहे हैं?

वेनेज़ुएला के खराब हालात के बारे में हम आपको पहले भी बता चुके हैं, लेकिन अब वहां स्थिति और बदतर हो गई है. क्योंकि वेनेज़ुएला की भूखी आबादी अब अपना पेट भरने के लिए लूट और हत्याओं पर उतर आई है.

Zee जानकारीः लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला के लोग भूख से त्राहिमाम क्यों कर रहे हैं?

DNA में अब हम आपको उस देश के हालात दिखाना चाहते हैं, जहां की 93 प्रतिशत आबादी भूखी है. आमतौर पर ऐसे हालात सुनकर ज़ुबान पर सबसे पहले अफ्रीका का नाम आता है.. लेकिन हम ना तो अफ्रीका की बात कर रहे हैं और ना ही इराक और सीरिया की.  ये देश है दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप का वेनेज़ुएला. वेनेज़ुएला के खराब हालात के बारे में हम आपको पहले भी बता चुके हैं, लेकिन अब वहां स्थिति और बदतर हो गई है. क्योंकि वेनेज़ुएला की भूखी आबादी अब अपना पेट भरने के लिए लूट और हत्याओं पर उतर आई है.

वेनेज़ुएला इन दिनों गृहयुद्ध की आग में जल रहा है. लोग भूखे हैं, परेशान हैं और रो रहे हैं. उन्हें ये समझ में नहीं आ रहा कि इन हालात में वो क्या करें? वहां से बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है.. लोग दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं. ये तस्वीर वेनेज़ुएला से कोलंबिया जा रहे लोगों की है. सिर्फ 2017 के आखिरी के 6 महीनों में ही 5 लाख से ज्यादा लोग वेनेज़ुएला से कोलंबिया जा चुके हैं. और इनमें से एक चौथाई से भी कम लोगों के पास Visa है, यानी ये लोग अवैध रूप से कोलंबिया जा रहे हैं. वेनजुएला की 22 लाख से ज्यादा की आबादी देश छोड़ चुकी है. अपने देश में इन लोगों के लिए सम्मानजनक जीवन की कोई उम्मीद नहीं बची है.

वेनेज़ुएला में लगातार चौथे साल आर्थिक मंदी का दौर जारी है, जिसकी वजह से अभी वहां महंगाई दर 2300% से भी ज्यादा हो गई है और ऐसा अनुमान है कि इस साल के अंत तक वहां महंगाई दर 13 हज़ार प्रतिशत के पार चली जाएगी.
International Monetary Fund के मुताबिक वेनेज़ुएला में इस साल बेरोज़गारी 30% के पार चली जाएगी .यहां आपको बता दें कि भारत में महंगाई दर सिर्फ 4.88 % है . 2017 में वेनेज़ुएला का GDP 35% कम हो गया था. वेनेजुएला में 6 हज़ार 500 लोगों पर किए गए सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए. इन लोगों में से 93 % लोगों के पास अपने परिवार के लिए खाना खरीदने लायक पैसे भी नहीं हैं.इस देश की 82% आबादी गरीबी में जी रही है, और 65% आबादी के पास Medical Insurance खरीदने के लिए पैसे नहीं है . 

अगर किसी देश की ऐसी स्थिति हो.. तो फिर वहां के लोगों के मन में सरकार के प्रति ज़बरदस्त असंतोष और गुस्सा होता है. वेनेज़ुएला के लोग काफी लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन इसका कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल रहा है.  पिछले साल यानी 2017 में वेनेज़ुएला में 26 हज़ार 616 लोगों की हत्या हुई थी. और इनमें से साढ़े 5 हज़ार से ज्यादा लोग सुरक्षा बलों के हाथों में मारे गए थे.  दुनिया के जिन शहरों में सबसे ज्यादा हत्याएं होती हैं, उनमें वेनेज़ुएला की राजधानी Caracas सबसे ऊपर है. Caracas में 1 लाख लोगों पर हत्या का औसत 130 है.

पूरे देश में लूट की घटनाएं बढ़ चुकी हैं. भूखे लोग खाने के सामान से भरे हुए ट्रकों को लूट रहे हैं. सिर्फ जनवरी में ही वेनेज़ुएला में लोगों ने अपना पेट भरने के लिए 162 जगहों पर लूटपाट की , इनमें खाने-पीने से लदे 42 ट्रकों की लूट भी शामिल थी.  जो लोग खाने पीने का सामान लूट पा रहे हैं, वो लूट रहे हैं और जो लूटपाट नहीं कर सकते वो कूड़े के ढेर से खाना तलाश रहे हैं. ये किसी भी देश के लिए एक बहुत बड़ी त्रासदी है.

हालांकि वेनेज़ुएला की सरकार ने एक क्रिप्टो करेंसी भी बनाई है, जिसका नाम है - Petro, लेकिन जब लोगों को भूख लगती है तो कोई भी क्रिप्टो करेंसी काम नहीं आती. इस बीच वेनेज़ुएला सरकार की तरफ से ये कहा गया है कि इस आर्थिक संकट के पीछे अमेरिका है और अमेरिका वेनेज़ुएला पर Oil Sanctions लगाने की तैयारी भी कर रहा है. ऐसे हालात के बीच वेनेज़ुएला में इसी साल 22 अप्रैल को चुनाव होने हैं. ऐसे में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के लिए अपनी कुर्सी बचाना बहुत मुश्किल है. हालांकि चुनावी राजनीति में कुछ भी हो सकता है.