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ZEE जानकारीः आज ही के दिन कारगिल युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाई थी

आज से 19 वर्ष पहले मई 1999 में पाकिस्तानी सैनिकों ने आतंकवादियों के रूप में कारगिल में घुसपैठ कर दी थी. पाकिस्तानी सैनिक कारगिल की चोटियों पर कब्ज़ा करके बैठ गए थे.

ZEE जानकारीः आज ही के दिन कारगिल युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाई थी

वैसे आज सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग News Channels को ये कहते हुए कोस रहे हैं, कि सबने पाकिस्तान के चुनावी नतीजों और इमरान खान की चर्चा तो की. लेकिन, भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम से जुड़ी तारीख को भूल गए. 26 जुलाई की तारीख कोई छोटी-मोटी तारीख नहीं है. आज ही के दिन भारत ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाई थी. और 19 वर्षों से पूरा देश इस ऐतिहासिक जीत को कारगिल विजय दिवस के रुप में मनाता आया है. इसलिए आज हम उन वीर शहीदों को याद करेंगे, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए अपनी जान दी थी. आज हमने Zee News की लाइब्रेरी से खास आपके लिए 19 साल पुराने युद्ध के कुछ यादगार Videos निकाले हैं. इन्हें देखकर आपको भी देश की वीर सैनिकों पर गर्व होगा.

आज से 19 वर्ष पहले मई 1999 में पाकिस्तानी सैनिकों ने आतंकवादियों के रूप में कारगिल में घुसपैठ कर दी थी. पाकिस्तानी सैनिक कारगिल की चोटियों पर कब्ज़ा करके बैठ गए थे. पाकिस्तानी सैनिक लेह से श्रीनगर को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे को अपने नियंत्रण में लेना चाहते थे. ये हाईवे एक तरह से जम्मू-कश्मीर की लाइफलाइन है. उस वक्त अगर ऐसा हो जाता तो फिर सियाचिन में तैनात भारतीय सेना तक कोई भी सप्लाई नहीं पहुंच पाती. और ये इलाक़ा पूरी तरह देश से कट जाता. लेकिन करीब दो महीनों की लड़ाई और 527 सैनिकों की शहादत के बाद भारतीय सेना ने अपना इलाक़ा पाकिस्तान के कब्ज़े से मुक्त करवा लिया था. और इस तरह से भारत ने पाकिस्तान से ये लड़ाई जीत ली थी. 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध जीतने का औपचारिक ऐलान किया था और इसीलिए इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है.

मैंने कारगिल और वहां हुए युद्ध को बहुत करीब से देखा है. 1999 में मैं कारगिल युद्ध को COVER करने के लिए गया था. हमने जोखिम से भरी ये सच्ची रिपोर्टिंग इसलिए की थी ताकि कारिगल युद्ध की एक एक ख़बर हम आप तक पहुंचा सकें. इसके बाद वर्ष 2014 में भी मैंने कारगिल जाकर युद्ध की निशानियों को करीब से देखा था. आज इन सभी अनुभवों को एक साथ मिलाकर हमने एक स्पेशल DNA टेस्ट तैयार किया है. अगले कुछ मिनट आप देश के लिए अपनी जान देने वाले सैनिकों की याद में बिता सकते हैं. वैसे अगर पाकिस्तान में इमरान ख़ान इस वक्त Zee News देख रहे हैं, तो हो सकता है उन्हें ये विश्लेषण अच्छा ना लगे. लेकिन इसके बावजूद आज हम इमरान ख़ान को 19 वर्ष पुराना 'कारगिल की हार' वाला तोहफा देना चाहते हैं. ये तोहफ़ा उन्हें पाकिस्तान की सच्चाइयों का एहसास करवाएगा. और उन्हें ये बताएगा कि भारत से नफ़रत करके पाकिस्तान को कुछ नहीं मिलने वाला.