ZEE जानकारीः ऐसा इंटरव्यू जिसमें राष्ट्रपति गवर्नर से हिसाब मांग रहे हों?

व्लादिमीर पुतिन का ये वीडियो पिछले हफ्ते का है. जब वो Russia के एक प्रांत के एक्टिंग गवर्नर, Gleb Nikitin से मिले थे. 

ZEE जानकारीः ऐसा इंटरव्यू जिसमें राष्ट्रपति गवर्नर से हिसाब मांग रहे हों?

अब विश्लेषण की दिशा बदलते हैं और आपको Russia लेकर चलते हैं. क्या आपने कभी कोई ऐसा Interview देखा है, जिसमें एक देश का राष्ट्रपति, अपने किसी राज्य के गवर्नर से उसके काम का हिसाब-किताब मांगे ? उससे ये पूछे कि एक साल के कार्यकाल में तुमने क्या किया ? कौन से काम पूरे किए ? और कौन से काम अधूरे हैं ? कम से कम भारत में ऐसे Interview की परंपरा नहीं है. क्योंकि, यहां का Work Culture बहुत सहनशील है. यहां ना तो सिस्टम को फर्क पड़ता है और ना ही उसे चलाने वाले अधिकारियों और नेताओं को अपना काम, समय पर पूरा करने की चिंता रहती है. ऐसे सभी लोगों को आज Russia के राष्ट्रपति.. व्लादिमिर पुतिन का एक वीडियो देखना चाहिए.

व्लादिमीर पुतिन का ये वीडियो पिछले हफ्ते का है. जब वो Russia के एक प्रांत के एक्टिंग गवर्नर, Gleb Nikitin से मिले थे. हालांकि, इस मीटिंग में हंसी-ठहाके कम और इलाके में हुए काम-काज से जुड़े तीखे सवालों की मात्रा काफी ज़्यादा थी. सबसे बड़ी बात ये है, कि 40 वर्ष के Gleb Nikitin नामक व्यक्ति को खुद व्लादिमीर पुतिन ने पिछले वर्ष एक्टिंग गवर्नर की कुर्सी पर बिठाया था. कहा जाता है कि कि ये व्यक्ति, पुतिन का विश्वासपात्र था. लेकिन, जनहित के मामलों में, Russia के राष्ट्रपति अपने और पराए में फर्क नहीं करते. आप ये भी कह सकते हैं कि पुतिन के लिए ये अपनी मार्केटिंग करने का एक नया तरीका है. लेकिन आप इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि जब ऐसे वीडियो सामने आते हैं, तो जनता के मन में सिस्टम के प्रति विश्वास बढ़ता है. अब आप पुतिन और Gleb Nikitin के बीच हुई बातचीत का एक छोटा सा हिस्सा सुनिए.

((व्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति, रुस - एक्टिंग गवर्नर के नाते काम करते हुए आपको लगभग एक साल का वक्त हो गया है. आप कैसा महसूस कर रहे हैं ? आपको क्या लगता है, आप किन-किन चीज़ों में कामयाब हुए हैं ? आपने कौन से काम पूरे किए हैं ? 

ग्लेब निकिटिन, एक्टिंग गवर्नर - मैंने अपने लिए जितने भी काम निर्धारित किए थे, उनसभी कामों को मैंने तय समय पर पूरा कर लिया है. हमारी ज़िम्मेदारी थी.. फुटबॉल विश्व कप को कामयाब बनाना. इसके लिए बहुत सारे काम करने थे, और वो सभी काम पूरे किए गए. मुझे लगता है कि हमने अच्छा काम किया है. हम अपने इलाके में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते हैं. ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक नेटवर्क बनाना चाहते हैं. जिससे देश और दुनियाभर के पर्यटकों को काफी फायदा होगा. 

व्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति, रुस -मैं देख रहा हूं, कि मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में विकास काफी अच्छा हुआ है. 

ग्लेब निकिटिन, एक्टिंग गवर्नर - हां, और मुझे इस बात की सबसे ज़्यादा खुशी है. Housing Sector साढ़े 4 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो National Average Rate से भी ज़्यादा है. हमारी कोशिश है, कि ये साल ख़त्म होने से पहले हम साढ़े 14 मिलियन स्क्वॉयर फीट के घर बना लेंगे.))

अब ज़रा पुतिन के काम करने के तरीके को भारत के नज़रिए से देखने की कोशिश कीजिए. Russia की तरह भारत के लिए भी भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ी समस्या है.. और आपने ये भी नोट किया होगा कि हमारे देश में कोई भी प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता. योजना का शिलान्यास हो जाता है. ठेके दे दिए जाते हैं. लेकिन काम पूरा होने की तारीख बार बार खिसकती रहती है. इसके पीछे दो वजहें हैं. एक - हमारा सिस्टम बहुत आलसी है. और दूसरा - हमारा सिस्टम बहुत बेईमान है. आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में सबसे ज़्यादा देरी से पूरा होने वाला प्रोजेक्ट भारत में ही है. 

इस प्रोजेक्ट का नाम है मुंबई का Santa cruz-Chembur Link Road 

इस योजना की शुरुआत वर्ष 2002 में हुई थी 

और 2006 में इसका निर्माण शुरु हुआ था. 

लेकिन इस रोड को बनने में 12 बार देरी हुई. यानी 12 बार ऐसा हुआ, जब Deadline तय होने के बावजूद ये प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ. 

और फिर मार्च 2014 में Link Road बनकर तैयार हुई.

इस देरी की वजह से 115 करोड़ रुपये की कीमत वाला ये प्रोजेक्ट 450 करोड़ रुपये का हो गया.

इसी वर्ष 21 अप्रैल को Civil Services Day के मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया था, कि कैसे हमारे देश में ज़रुरी फाइल्स को 32 जगह चक्कर लगाने के बाद भी मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती. 

नवंबर 2017 में भारत सरकार ने 1 हज़ार 283 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की थी. जिसमें पाया गया, कि इनमें से 302 प्रोजेक्ट्स तय समय से पीछे चल रहे थे. और इस देरी की वजह से इन सभी प्रोजेक्ट्स का खर्च कुल मिलाकर पौने दो लाख करोड़ रुपये बढ़ गया.

लेट लतीफी हो या भ्रष्टाचार ... Russia और भारत की हालत लगभग एक जैसी है. 

2017 के Corruption Perception Index के मुताबिक भ्रष्टाचार के मामले में 180 देशों में Russia 135वें नंबर पर है. 

इस लिस्ट में जो देश सबसे नीचे होता है, वो उतना ही ज़्यादा भ्रष्ट होता है. इस हिसाब से Russia में बहुत ज़्यादा भ्रष्टाचार है. इस लिस्ट में भारत 81वें नंबर पर है. 

ऐसे में सवाल उठता है कि इस समस्या का इलाज क्या है? और इसका जवाब ये है कि, सवाल पूछकर और आक्रामक तेवर अपनाकर, सिस्टम को ठीक किया जा सकता है. और इस मामले में पुतिन का उदाहरण शानदार है. आज रिसर्च के दौरान हमें पुतिन के कुछ Videos मिले. इन Videos को देखकर आपको पता चलेगा कि समय पर काम पूरा ना करने वाले भ्रष्ट और आलसी अफसरों को कैसे ठीक किया जाता है. 

व्लादिमीर पुतिन के आलोचक कहते हैं, कि वो जानबूझकर अपनी दबंग छवि वाले वीडियो Record करवाते रहते हैं. ताकि वो अपने देश की जनता की नज़रों में एक कुशल और कड़े शासक की तरह खुद को Project कर सकें. लेकिन इसके बावजूद.. भारत का सिस्टम.. अगर चाहे तो पुतिन के इन तेवरों से शिक्षा ले सकता है. जिस दिन हमारे देश में इस तरह नेताओं के इंटरव्यू होने लगेंगे और उनसे ये पूछा जाने लगेगा कि उन्होंने जनहित में कितना काम किया, उस दिन भारत में नेताओं की जवाबदेही बढ़ जाएगी.