सोना न खरीद पाएं तो कैसे करें अक्षय तृतीया व्रत, जानिए मुहूर्त-पूजा विधि और उपाय

अक्षय तृतीया पर पूजा का मुहूर्त शुक्रवार, 14 मई को सुबह 05 बजकर 38 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. शुक्रवार को पूरे दिन सोने की खरीदारी की जा सकती है. प्रात:काल में 05:38 बजे से अगले दिन 15 मई को प्रात: 05:30 बजे के बीच कभी भी सोना या सोने के आभूषण खरीदे जा सकते हैं. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 13, 2021, 07:24 PM IST
  • इस बार Lockdown में अक्षय तृतीया, सोना खरीदना मुश्किल
  • दान का भी है महत्व, आज के समयानुसार दवाइयों का करें दान
सोना न खरीद पाएं तो कैसे करें अक्षय तृतीया व्रत, जानिए मुहूर्त-पूजा विधि और उपाय

नई दिल्लीः देवताओं ने जब देवर्षि नारद पवित्र मास और उसके महत्व के बार में पूछा तो नारद मुनि ने तीन महीनों को महत्व पूर्ण बताया. वैशाख मास, श्रावण मास और कार्तिक मास.

इन तीनों में से वैशाख मास के महत्व को बताते हुए नारद मुनि कहते हैं कि वैशाख चेतना का प्रतीक है. समृद्धि का प्रतीक है और इस मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि इसे और भी महत्व पूर्ण बनाती है. 

आज ही के दिन मिले सृष्टि को अक्षय भंडार
देवऋषि के अनुसार परमपिता ने सृष्टि के अक्षय कोषों के भंडार की रचना इसी दिन की थी. सागर को अथाह जल राशि मिली और वायुमंडल को प्राणवायु का वरदान अक्षय तृतीया के दिन ही मिला. सूर्य देव की अक्षय रश्मियां भी अक्षय तृतीया का ही वरदान है.

नारद मुनि ने बताया कि इस दिन जैसा सोचा जाए और जो कार्य किया जाए वह अक्षय हो जाता है. इसीलिए मनुष्य को सकारात्मक विचारों का ही चिंतन करना चाहिए. 

सोना खरीदने का बढ़ा प्रचलन
धीरे-धीरे समय बदला और लोग इसी विचार से इस दिन सोने की खरीदारी करने लगे. सोना सनातन परंपरा में शुभ धातु मानी जाती है, इसलिए इसका खरीदना भी शुभ माना जाता है. हालांकि यह अक्षय तृतीया व्रत का सिर्फ एक और छोटा सा पहलू है. वास्तविकता में यह दिन आत्म शुद्धि और चिंतन का दिन है. 

यह भी पढ़िएः भरत चक्रवर्ती की कथा, जो इस महामारी में लूट मचा रहे लोगों के लिए चेतावनी है

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया पर पूजा का मुहूर्त शुक्रवार, 14 मई को सुबह 05 बजकर 38 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. शुक्रवार को पूरे दिन सोने की खरीदारी की जा सकती है. प्रात:काल में 05:38 बजे से अगले दिन 15 मई को प्रात: 05:30 बजे के बीच कभी भी सोना या सोने के आभूषण खरीदे जा सकते हैं.

हालांकि कोरोना के कारण कई राज्यों और शहरों में LOCKDOWN की स्थिति है. ऐसे में अक्षय तृतीया के आध्यात्मिक दृष्टिकोण को भी समझना चाहिए. 

यह उपाय जरूर कीजिए
अक्षय तृतीया पर दान पुण्य जरूर करना चाहिए. जो भी सत्कर्म आप करेंगें उसका फल कई गुना होकर मिलेगा. 
गर्मी के मौसम के अनुरूप दान में जल के पात्र का दान करें. 
गौ सेवा भी कर सकते हैं. इस दिन गाय को गुड़ या मीठी रोटी बना कर खिलाएं. 
ब्राह्मण को जौ का दान करें. यह स्वर्ण दान के बराबर फल देता है. भगवान विष्णु को जौ चढ़ाएं. 
सोने की जगह जौ भी खरीद सकते हैं. 
महामारी संकट के इस काल में औषधि का भी दान कर सकते हैं. यह सम-सामयिक दाम है और किसी जरूरतमंद के लिए काम भी आएगा.  

यह भी पढ़िएः अभिमान कैसे विनाश कर देता है, जानिए देवराज इंद्र और दुर्वासा ऋषि की यह कथा

अक्षय तृतीया व्रत व पूजन विधि
व्रत करने वाले को चाहिए की वह सुबह स्नानादि से शुद्ध होकर पीले वस्त्र धारण करें.
अपने घर के मंदिर में विष्णु जी को गंगाजल से शुद्ध करके तुलसी, पीले फूलों की माला या पीले पु ष्प अर्पित करें.
फिर धूप-अगरबत्ती, ज्योत जलाकर पीले आसन पर बैठकर विष्णु जी से सम्बंधित पाठ (विष्णु सहस्त्रनाम, विष्णु चालीसा) पढ़ने के बाद अंत में विष्णु जी की आरती करें. 

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.   

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़