आसान भाषा में जानिए क्या है श्री दुर्गा सप्तशती, नवरात्र में कैसे करें मां की आराधना

जानिए श्री दुर्गा सप्तशती के बारे में वह सभी कुछ जो आप जानना चाहते हैं. यहां आपके हर सवाल के जवाब दिए जा रहे हैं. 

Written by - Vikas Porwal | Last Updated : Apr 13, 2021, 07:45 AM IST
  • पाठ का उच्चारण शुद्ध होना चाहिए.
  • मध्यम आवाज में ही पाठ करना चाहिए
आसान भाषा में जानिए क्या है श्री दुर्गा सप्तशती, नवरात्र में कैसे करें मां की आराधना

नई दिल्लीः 13 अप्रैल 2021 से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है. आज मां दुर्गा के पहले स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा की जा रही है. देवी का यह स्वरूप शांति प्रदान करने वाला है. नवरात्र में कई श्रद्धालु पूरे नौ दिन देवी की आराधना की प्रमुख पुस्तक श्रीद दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं.

कई ऐसे भी श्रद्धालु हैं जो इस बारे में नहीं जानते और उनके मन में सप्तशती पाठ को लेकर कई सवाल हैं. आचार्य विक्रमादित्य से श्री दुर्गा सप्तशती को लेकर मन में उठ रहे ऐसे ही सवालों के जवाब, आसान भाषा में- 

क्या है दुर्गा सप्तशती ?
मां भगवती की दिव्य प्रार्थना है. यह मनोकामनाओं को पूरा करने वाला स्तोत्र हैं. मां को प्रसन्न करने वाला एक तरह का मंत्र भी कह सकते हैं. दुर्गा सप्तशती में 13 अध्याय हैं 700 श्लोक हैं. दुर्गा सप्तशती में महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती की उपासना है. 

दुर्गा सप्तशती के फायदे क्या हैं, क्यों पढ़ना चाहिए?
दुर्गा सप्तशती के पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं. दुर्गा सप्तशती का पाठ हर मनोकामना को पूरा करता है. सप्तशती का पाठ असंभव को भी संभव कर देता है. सप्तशती के पाठ से सभी बाधाएं दूर होती हैं. जीवन में हो रहे सारे अपशकुन दूर हो जाते हैं. 
 
कब करें दुर्गा सप्तशती का पाठ, क्या समय होना चाहिए. 
 दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के लिए रात का समय सबसे अच्छा और शुभ होता है. अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और नवरात्र में पाठ लाभदायक है. इस समय जरूर करें. 
 
कैसे करें सप्तशती का पाठ ? 

स्नान करके पवित्र हो जाएं
सबसे पहले आचमन करें
आचमन के बाद संकल्प करें
संकल्प के बाद पुस्तक का पूजन करें
फिर शापोद्धार करें
दुर्गा कवच का पाठ करें
दुर्गा कवच के बाद अरगला का पाठ करें
अरगला के बाद कीलक का पाठ करें
कीलक के बाद कवच का पाठ करें
नवार्ण मंत्र का न्यास करें

मां दुर्गा के तीनों रूपों का ध्यान करें
जप की माला को सिद्ध करें
नवार्ण मंत्र का 108 बार जप करें
सप्तशती का न्यास करें
सप्तशती के 13 अध्यायों का पाठ करें
न्यास को एक बार फिर करें
देवी सूक्त का पाठ करें
आखिर में रहस्य और दिव्य अपराध क्षमा प्रार्थना करें

दुर्गा सप्तशती के पाठ में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
पाठ का उच्चारण शुद्ध होना चाहिए. मध्यम आवाज में ही पाठ करें. पूरे पाठ का स्वर एक जैसा रखें. पाठ करते समय बिल्कुल न हिलें. पवित्रता का पूरा ध्यान रखें.

यह भी पढ़िएः चैत्र नवरात्र आज, जानिए पहले दिन की पूजा में संकल्प मंत्र-घट स्थापना की पूरी विधि

सप्तशती पाठ का आसान तरीका है?
अगर आप पूरा पाठ नहीं कर पा रहे हैं तो एक आसान उपाय भी है. सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ पूरी सप्तशती का फायदा देता है. 

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