Navratri 2021: मां दुर्गा हर मनोकामना करेंगी पूरी, जान लें कलश स्थापना और व्रत के नियम

Navratri 2021: शारदीय नवरात्रि का आरंभ अश्विन मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से होता है. नवरात्र में व्रत का बड़ा महत्व माना जाता है. लोग अलग-अलग तरीके से व्रत रखते हैं.   

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 7, 2021, 08:45 AM IST
  • आज से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि
  • आज होगी मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना
Navratri 2021: मां दुर्गा हर मनोकामना करेंगी पूरी, जान लें कलश स्थापना और व्रत के नियम

नई दिल्लीः Navratri 2021: शारदीय नवरात्र  (Shardiya Navratri 2021) आज यानी 7 अक्टूबर से शुरू हो गए हैं. आज से नौ दिनों तक मां दुर्गा (Maa Durga) के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी. आज देवी के शैलपुत्री (Shailputri) रूप की पूजा होगी. साथ ही आज श्रद्धालु कलश स्थापना करेंगे, जिसका नवरात्रि (Navratri) में विशेष महत्व होता है. 

ये है शुभ मुहूर्त
घटस्थापना (Ghatasthapana) का मुहूर्त सुबह 6:18 बजे से 7:07 बजे तक है. अगर आप सुबह कलश स्थापित नहीं कर पाए हैं तो आज एक और मुहूर्त है, जो दोपहर में है. घटस्थापना अभिजित मुहूर्त 11:46 बजे से 12:33 बजे दोपहर तक है. 

इस तरह करें कलश स्थापना
कलश स्थापना (Kalash Sthapana Muhurat) को घटस्थापना भी कहा जाता है. इसके कुछ नियम हैं. सुबह नहा-धोकर साफ कपड़े पहनें. इसके बाद मिट्टी के कलश में सात तरह के अनाज रखकर उसमें जल भर दें. इसके बाद कलश के चारों ओर कलावा बांधें और उसे चौकी पर स्थापित कर दें. कलश में आम के पत्ते जरूर रखें. पूजा के नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश पर रख दें. इसके बाद दीपकर जलाकर माता का ध्यान करते हुए कलश की पूजा करें.

अलग-अलग तरीके से व्रत रखते हैं लोग
शारदीय नवरात्रि का आरंभ अश्विन मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से होता है. नवरात्रि में व्रत का बड़ा महत्व माना जाता है. लोग अलग-अलग तरीके से व्रत रखते हैं. कुछ नौ दिन के लिए व्रत रखते हैं तो कुछ शुरुआती नवरात्र और आखिरी दिन व्रत रखते हैं. इसी तरह कुछ फलाहार करते हैं तो कोई बिना कुछ खाए-पीए व्रत रखते हैं. इस दौरान लोग कई नियमों का पालन करते हैं.

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इन नियमों का करें पालन
अगर आपको व्रत के दौरान के नियमों को नहीं जानते हैं तो बता दें कि आपको पूरे नवरात्र सात्विक भोजन करना होता है. खाने में लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करें. घर की साफ-सफाई करें. पूजा स्थल को गंगाजल से साफ करें. माता की पूजा करें और भोग लगाएं. किसी के लिए कुछ गलत न बोलें. माता की चौकी स्थापित करने से पहले स्वास्तिक बना लें. पूजन सामग्री एक जगह रखें. नवरात्र के दौरान मांस-मछली व शराब का सेवन न करें. इस दौरान नाखुन, बाल और दाढ़ी न काटें.

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