आज इन तरीकों से करें मां महागौरी की पूजा, जानिए किन बातों पर देना होगा विशेष ध्यान

आज चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. मां दुर्गा के नौ दिनों में अष्टमी और नवमीं के दिन कन्याओं का पूजन किया जाता है. जानिए अष्टमी के दिन किन बातों का रखना होगा खास ध्यान

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Apr 20, 2021, 06:45 AM IST
  • नवरात्रि में अष्टमी और नवमीं के दिन कन्याओं का पूजन किया जाता है
  • नवरात्रि की अष्टमी को मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है
आज इन तरीकों से करें मां महागौरी की पूजा, जानिए किन बातों पर देना होगा विशेष ध्यान

नई दिल्ली: 20 अप्रैल को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. आज नवरात्रि का आठवां दिन है. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है. अष्टमी और नवमीं के दिन कन्या पूजन का भी विधान है. अष्टमी के दिन महागौरी की अराधना की जाती है.

महागौरी को भगवान गणेश की माता के स्वरूप में भी ये संसार जनता है. मान्यता है कि महागौरी के इस स्वरूप की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है. साथ ही बल और बुद्धि का विकास होता है.

महागौरी का स्वरूप

मां दुर्गा के इस स्वरूप की चार भुजाएं होती हैं. महागौरी ने एक हाथ में त्रिशूल धारण किया हुआ है. उनका दूसरा हाथ अभय मुद्रा में, तीसरा में डमरू और चौथा हाथ वर मुद्रा में होता है. महागौरी का वाहन वृष होता है. माता के इस स्वरूप का वर्ण श्वेत होता है.

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महागौरी की कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक मां महागौरी ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की. माता के इस तप और भक्ति भाव से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया. कई वर्षों तक अराधना करने के कारण माता पर बहुत धूल-मिट्टी जम गई और उनका पूरा शरीर काला पड़ गया.

माता पर प्रसन्न होने के बाद भगवान शिव ने उन्हें गंगाजल से स्नान करवाया. भोलेनाथ के माता पर गंगाजल डालते ही उनका शरीर चमक उठा. इसके बाद से ही मां को महागौरी कहा जाने लगा.

इस तरह करें मां की पूजा

अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा के सुबह स्नान आदि करके एक लकड़ी की चौकी पर माता की प्रतिमा रखे, लेकिन इससे पहले उस स्थान को गंगाजल से पवित्र कर लें. अब मां के समक्ष दीपक जाकर फल-फूल चढ़ाएं. अब मां की आरती और मंत्रों का जप करें. 

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मां को अवश्य लगाएं ये भोग

मान्यता है कि नवरात्रि की अष्टमी तिथि को मां महागौरी को नारियल का भोग लगाना चाहिए. इसके बाद यही नारियल प्रशाद के रूप में वितरीत कर दें. आप चाहें तो यह नारियल ब्राह्मण को भी दे सकते हैं. जो लोग आज के दिन कन्या पूजन करते हैं, उन्हें हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रशाद कन्याओं को खिलाना चाहिए.

इसके अलावा भक्तों को पूजा के दौरान गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. अष्टमी के दिन गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है.

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