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बिहार में 'बहार' नहीं.. 'बर्बादी' की बाढ़ है! बारिश से पहले क्यों नहीं जागा नगर निगम?

NDRF के साथ SDRF और सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. बाढ़ में फंसे लोगों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम किया जा रहा है. अब तक 9000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

बिहार में 'बहार' नहीं.. 'बर्बादी' की बाढ़ है! बारिश से पहले क्यों नहीं जागा नगर निगम?

नई दिल्ली: बिहार में जलप्रलय से हाहाकार मचा है. जाते-जाते मॉनसून ने ऐसा यू-टर्न लिया कि राजधानी पटना समेत राज्य के दर्जनभर जिलों में लोग त्राहिमाम करने लगे. कुदरत का ऐसा टॉर्चर जिसके आगे सरकार भी बेबस दिखाई दे रही है. बारिश के चलते पूरा पटना पानी-पानी हो गया है.

पटेलनगर, पटना 

पटना में भले ही बारिश थम गई हो, लेकिन मुसीबतों का सिलसिला अब भी जारी है. पटेलनगर और राजवंशी की मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है. लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी रोजमर्रा की चीजों को लेकर हो रही है. मोटरसाइकिल और कार खिलौने की तरह पानी में तैर रही है. गर्ल्स हॉस्टल में भी पानी भरने की वजह से लड़कियों के परिजन उन्हें सुरक्षित घर ले जा रहे हैं.

पटना में भले ही जलजमाव हो, बारिश की परेशानी हो, कुदरत अपना खेल खेल रही है. लेकिन नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा को लेकर लोगों में आस्था और जज्बा देखते ही बनता है. पटेलनगर इलाके में तीन फीट पानी के बीच पूजा पंडाल भी बनाया गया है.

बोरिंग रोड, पटना

पटना के बोरिंग रोड इलाके में कमर तक पानी भरा हुआ है. एसडीआरएफ की टीम नाव के सहारे लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. इस बीच प्रशासन की बदइंतजामी के चलते ईंधन खत्म होने की वजह से नाव सोमवार सुबह घंटों पानी के बीच खड़ी रही, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंचाया जा सका. लोग खुद पानी के बीच से होकर ही सुरक्षित स्थानों पर जाते नजर आए.

कंकड़बाग, पटना

पटना के कंकड़बाग इलाके में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात देखकर ही यहां रहने वाले लोगों का दिल बैठा जा रहा है. चारों तरफ पानी ही पानी भर गया है. पूरा इलाका तालाब की शक्ल ले चुका है. घर और सड़क पर खड़ी गाड़ियां भी पानी में आधी डूब चुकी हैं. इलाके में जलजमाव के बाद बीमारी का खतरा भी बना हुआ है.

  • NDRF-SDRF और सेना ने संभाला मोर्चा

NDRF के साथ SDRF और सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. बाढ़ में फंसे लोगों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम किया जा रहा है. अब तक 9000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. खाने-पीने की भी व्यवस्था की जा रही है. पटना डीएम ने बारिश के मद्देनज़र सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी है. वहीं पटना जंक्शन पर पानी भरने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. जिसे ध्यान में रखते हुए पटना जंक्शन पर रुकने वाली ट्रैनों को दानापुर जंक्शन पर ठहराया जा रहा है. पटना के कई इलाकों में एहतियातन पावर सप्लाई बंद कर दी गई है. जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई है.

मुंगेर, बिहार

राजधानी पटना ही नहीं आफत की बारिश ने सूबे के दूसरे जिलों में भी जमकर तांडव मचाया है. मुंगेर में बाढ़-बारिश ने लोगों को बेहाल कर रखा है. 84 सालों बाद यहां के प्रसिद्ध चंडिका शक्तिपीठ में पानी भर गया है. पानी भरने की वजह से नवरात्रों में श्रद्धालु यहां पर पूजा नहीं कर पा रहे हैं. वहीं सरकारी अस्पताल से लेकर सरकारी दफ्तरों में पानी भरा है.

जहानाबाद, बिहार

जहानाबाद में लगातार बारिश और नदियों के उफान पर होने से पूरे इलाके में भयावह स्थिति पैदा हो गई है. डीएम ऑफिस से लेकर पुलिस लाइन में पानी घुस चुका है. सड़क पर कई फीट तक पानी भरा है. और लोग इसी तरह जान जोखिम में डालकर पानी को पार करने को मजबूर हैं.

बगहा, बिहार

बगहा में तो आफत की बारिश से पेट्रोल पंप और एक सरकारी स्कूल की दीवार धराशायी हो गई. गनीमत ये रही कि जिस वक्त पेट्रोल पंप की दीवार गिरी. स्कूली बच्चे हादसे में बाल-बाल बचे.

केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने बाढ़-बारिश से जूझती बिहार की जनता को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार दोनों मिलकर इस जलसंकट से जल्द बाहर निकाल लेगी.

अश्विनी चौबे ने कहा, 'लोगों में तबाही मची हुई है, लाखों लोग जलसंकट से घिरे हुए हैं. ऐसी स्थिति में भारत सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के लोग आपके लिए लगातार तत्पर हैं. मैं लगातार अपनी ओर से संबंधित जिला प्रशासन और राज्य सरकार के लोगों से संपर्क में हूं, आपके लिए इस आपदा की घड़ी में धैर्य और साहस जुटाने की जरूरत है'

लगातार हो रही बारिश से बिहार के कई जिलों का हाल बेहाल है. करीब 15 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है. वहीं राजधानी पटना में जलजमाव अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ रही है. पटना के कई ऐसे इलाकें हैं जहां जल भराव की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं.