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NRC पर सियासी घमासान! सीएम केजरीवाल के घर के बाहर बीजेपी का प्रदर्शन

मनोज तिवारी और केजरीवाल के बीच इस विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई. जब एक सवाल के जवाब में सीएम केजरीवाल ने कहा था कि अगर राष्ट्रीय राजधानी में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को शहर छोड़ना होगा.

NRC पर सियासी घमासान! सीएम केजरीवाल के घर के बाहर बीजेपी का प्रदर्शन
फोटो साभार: Twitter

नई दिल्ली: एनआरसी के मुद्दे पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच जंग अब सड़क पर आ गई है. हाथों में बैनर और पोस्टर थामे बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. बीजेपी कार्यकर्ताओं को काबू करने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी.

एनआरसी के मुद्दे पर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी पर दिए गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान पर सियासी बवाल बढ़ा जा रहा है. मनोज तिवारी पर दिए गए बयान से गुस्साए बीजेपी पूर्वांचल मोर्चा के सदस्यों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के सामने जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया. 

प्रदर्शनकारी बीजेपी को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे. लेकिन बीजेपी कार्यकर्ता बैरिकेड पर ही चढ़ गए. दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को पानी की बौछार का इस्तेमाल करना पड़ा. कुछ कार्यकर्ताओं को डिटेन कर बसों में ले जाया गया.

मनोज तिवारी और केजरीवाल के बीच इस विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई. जब एक सवाल के जवाब में सीएम केजरीवाल ने कहा था कि अगर राष्ट्रीय राजधानी में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को शहर छोड़ना होगा.

सीएम केजरीवाल के इस बयान को बीजेपी ने हाथों हाथ लपक लिया और इसे पूर्वांचल का अपमान करार दिया. इस बयान पर मनोज तिवारी ने खुद भी बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी थी. मनोज तिवारी ने केजरीवाल पर करते हुए कहा था कि अरविंद केजरीवाल को मालूम होना चाहिए कि एनआरसी में घुसपैठियों को चिन्हित किया जाता है. मनोज तिवारी ने केजरीवाल के मानसिक संतुलन पर ही सवाल खड़े कर दिए थे. 

दरअसल, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी असम के तर्ज पर दिल्ली में एनआरसी लागू करने की बात कई बार कर चुके हैं. जबकि दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी एनआरसी का विरोध कर रही है. ऐसे में केजरीवाल ने मनोज तिवारी को दिल्ली से बाहर का बता कर इस पूरे ममले को ही नया रंग दे दिया. अब देखना ये है कि एनआरसी पर सियासी रोटियां सेकने का खेल कब तक चलता है.