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बाबुल सुप्रियो से बदसलूकी पर बवाल, सड़कों पर उतरी बीजेपी

जाधवपुर विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री के साथ बदसलूकी के खिलाफ बीजेपी ने रैली निकाली और 'दीदी' के राज में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. बीजेपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में हाथों में पोस्टर बैनर लेकर सड़कों पर उतरे.

बाबुल सुप्रियो से बदसलूकी पर बवाल, सड़कों पर उतरी बीजेपी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव साल 2021 में होने हैं. लेकिन राजनीतिक गलियारों में सियासी संग्राम का सिलसिला बदस्तूर जारी है. एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस अपना सिंहासन बचाने के लिए जद्दोज़हद कर रही है. तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनाव के लिए ईंट से ईंट बजा देने के मूड में दिखाई दे रही है. सूबे में माहौल गरम है और बीजेपी का ये आरोप है कि सत्ताधारी टीएमसी एक बार फिर खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आई है.

इस बार बीजेपी ने भी टीएमसी के दांत खट्टे करने के लिए कमर कस ली है. गुरुवार को कोलकाता के जाधवपुर यूनिवर्सिटी में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ बदसलूकी हुई तो बीजेपी इसके विरोध में सड़कों पर उतर आई.

जाधवपुर विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री के साथ बदसलूकी के खिलाफ बीजेपी ने रैली निकाली और 'दीदी' के राज में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. बीजेपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में हाथों में पोस्टर बैनर लेकर सड़कों पर उतरे. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और लेफ्ट छात्र संगठनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने तो ममता बनर्जी की सरकार को गैर जवाबदेह सरकार करार दिया.

कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि ये खराब गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण है. 

बीजेपी के निशाने पर सीधे तौर पर ममता बनर्जी की सरकार है. वहीं गुरुवार की घटना को लेकर लेफ्ट समर्थक छात्र संगठन SFI ने भी सड़कों पर प्रदर्शन किया और बीजेपी के मंत्री पर आरोप लगाए. 

  • केंद्रीय मंत्री के साथ क्या हुआ था?

दरअसल, कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में बाबुल सुप्रियो के साथ लेफ्ट समर्थक छात्रों ने बदसलूकी की और 5 घंटे तक कैंपस में बंधक बनाए रखा. लेकिन वक्त रहते राज्यपाल जगदीप धनखड़ यूनिवर्सिटी पहुंचे और बाबुल सुप्रियो को रिहा करवाया. यूनिवर्सिटी कैंपस में केंद्रीय मंत्री के साथ हुई इस घटना से बीजेपी में खासा आक्रोश देखा जा रहा है. बीजेपी पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का गला घोटने का आरोप लगा रही है.

ये किसी से छिपा नहीं है कि लोकसभा में बंगाल की लड़ाई में खूब तीखे वार और पलटवार हुए. बीजेपी की हवा में ममता वो हुगली सीट भी नहीं बचा पाई जहां से उन्हें पहचान मिली थी. ऐसे में टीएमसी की बौखलाहट वाज़िब है.