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खत्म होगा वनवास, राम को मिलेगा आवास? अयोध्या पर SC का स्टैंड क्लीयर

18 अक्टूबर तक यदि सभी पक्षों की दलील पूरी होनी है तो महज चंद दिन ही बाकी बचे हैं. 4 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में दशहरे की छुट्टियां होंगी. ऐसे में संभव है कि सुनवाई के लिए छुट्टियों में भी बेन्च अयोध्या विवाद की सुनवाई करे.

खत्म होगा वनवास, राम को मिलेगा आवास? अयोध्या पर SC का स्टैंड क्लीयर

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में चल रही अयोध्या विवाद की सुनवाई तय वक्त में खत्म होगी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ कर दिया है कि सभी पक्षों को तय मियाद में ही अपने तर्क और सबूत पेश कर देने होंगे. पहले से ही मुकर्रर किए गए वक्त के बाद किसी भी सूरत में किसी भी पक्ष की कोई भी दलील नहीं सुनी जाएगी. हर सूरत में 18 अक्टूबर तक सभी पक्षों को अपनी दलीलें पेश कर देनी होंगी. क्योंकि उसके बाद एक दिन भी सुनवाई नहीं होगी.

अब जब सुनवाई के दिन मुकर्रर हो गए हैं तो वकीलों को अपनी दलीलें भी जल्द से जल्द पेश कर देनी होगी. कम से कम वक्त में ज्यादा से ज्यादा बात कह देनी होगी. वैसे हिन्दू पक्ष अपनी दलीलें पूरी कर चुका है और मुस्लिम पक्ष की दलीलें भी अब खत्म होने को हैं. इसके बाद हिन्दू पक्ष की तरफ से मुस्लिम पक्ष की दलीलों को काउंटर किया जाएगा. और फिर दोनों पक्षों को अपने आर्गयूमेन्टस कनक्लूड करने होंगे.

18 अक्टूबर तक यदि सभी पक्षों की दलील पूरी होनी है तो महज चंद दिन ही बाकी बचे हैं. 4 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में दशहरे की छुट्टियां होंगी. ऐसे में संभव है कि सुनवाई के लिए छुट्टियों में भी बेन्च अयोध्या विवाद की सुनवाई करे.

सुनवाई का वक्त तय हो चुका है और इस मियाद से हिन्दू पक्ष बेहद खुश नजर आ रहा है. हालांकि हिन्दू पक्ष को उम्मीद थी कि 130 साल पुराने अयोध्या विवाद का फैसला दिवाली से पहले ही आ जाए लेकिन फिर भी हिन्दू पक्ष सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई से संतुष्ट है.

हिन्दू पक्ष ने कह दिया है कि उन्हें अपनी कांउटर दलीलें पेश करने में थोड़ा ही वक्त लगेगा. मुस्लिम पक्ष की सभी दलीलों को 2 दिन के अंदर काउंटर कर लिया जाएगा.

हिन्दू पक्ष की दलीलें खत्म हो चुकी हैं लेकिन मुस्लिम पक्ष इस मामले पर थोड़ा कन्फ्यूज नजर आ रहा है. मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने पहले कहा था कि मस्जिद सपाट मैदान पर बनाई गई लेकिन आज मीनाक्षी अरोड़ा ने कोर्ट में कहा कि वहां 12वीं शताब्दी में मुस्लिम ढांचा था. इस पर जज ने उन्हें टोक दिया जिसके बाद राजीव धवन ने मुस्लिम पक्ष की तरफ से कोर्ट का वक्त जाया करने के लिए माफी भी मांगी.

जब मुस्लिम पक्ष ने लिया यू-टर्न

हाल ही में मुस्लिम पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में यू टर्न लिया गया था. उस वक्त वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी थे जिन्होंने सुनवाई में माना था कि राम चबूतरे पर ही राम का जन्म हुआ था. लेकिन इसके अगले ही दिन वो अपने बयान से पलट गए थे. उन्होंने आंखों में तकलीफ होने का बहाना भी बनाया था.

ऐसा पहली बार नहीं है जब मुस्लिम पक्ष यू-टर्न ले रहा हो. दरअसल, मुस्लिम पक्ष इस मामले में पहले भी कन्फ्यूज नजर आया है. वो न तो आइने अकबरी में लिखी बातों को सबूत मानने के लिए राजी है और न ही 16वीं शताब्दी में आए फ्रेन्च दार्शनिक के कथन को सही मानने को तैयार है.

इस दिन खत्म होगा चीफ जस्टिस का कार्यकाल

अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी होगी तो भी फैसला लिखना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल 17 नवम्बर यानि रविवार को पूरा हो रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि फैसला इससे पहले ही आएगा.

अयोध्या विवाद का निपटारा होने में अब महज 50 दिन बाकी बचे हैं. देश के 105 करोड़ हिन्दुओं को उम्मीद है कि राम लला का वनवास खत्म होगा और राम लला तम्बू से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान होंगे.