दोस्ती की मजबूत बॉन्डिंग, सबपर भारी ट्रंप-मोदी की यारी

ये भी पहली बार है कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपति किसी विदेशी नेता के साथ मंच साझा कर रहे हैं. और इसके पीछे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रंप के बीच की दोस्ती और मजबूत बॉन्डिंग सबसे बड़ी वजह है.

दोस्ती की मजबूत बॉन्डिंग, सबपर भारी ट्रंप-मोदी की यारी

नई दिल्ली: ह्यूस्टन के NRG स्टेडियम में 50 हजार लोग नरेंद्र मोदी को सुनने आने वाले हैं. अमेरिकन इंडियंस में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है क्योंकि पहली बार अमेरिका के बिलबोर्ड्स पर किसी विदेशी नेता की तस्वीरें लगी हैं.

ये भी पहली बार है कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपति किसी विदेशी नेता के साथ मंच साझा कर रहे हैं. और इसके पीछे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रंप के बीच की दोस्ती और मजबूत बॉन्डिंग सबसे बड़ी वजह है.

मोदी के पुराने मुरीद हैं ट्रंप

पीएम मोदी और प्रेसि़डेंट ट्रंप का याराना किसी से छिपा नहीं है. अक्सर ये दोनों अलग अंदाज में दिखाई दे ही जाते हैं. कभी एक दूसरे को झप्पियां देना, तो कभी पीठ थपथपाना, कभी एक दूसरे का हाथ पकड़ना... ट्रंप और मोदी की दोस्ती की अलग-अलग झलकियां पूरी दुनिया देखती है. दिन-ब-दिन परवान चढ़ती इस दोस्ती की बुनियाद तो ट्रंप ने वहां सत्ता पाने से पहले ही रख दी थी. जब अपने चुनाव प्रचार में वो मोदी की नजीर पेश करते नहीं थकते थे. 

ट्रंप चुनाव जीते तो दुनिया की नज़र अमेरिका और भारत दोनों देशों के इन नेताओं पर थी. दोनों नेताओं की पहली मुलाकात में ही ये साफ हो गया कि ट्रंप और मोदी की खूब चलने वाली है.

..जब मोदी ने ट्रंप को लगा लिया गले

27 जून 2017 को पहली बार पीएम मोदी व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिले. जहां उन्होंने ट्रंप को गले लगा लिया. उस दौरान ट्रंप के फेस एक्सप्रेशन और हाव-भाव से साफ लगा जैसे ये उनके लिए एक आकस्मिक लेकिन खुश करने वाली घटना रही. फिर दूसरी बार व्हाइट हाउस में खुद ट्रंप भारत के पीएम मोदी को हग करते नजर आए. इस नज़ारे पर भी इंटरनेशनल फोरम में खूब चर्चा हुई. दोनों जब अमेरिकी के मीडिया के सामने आए तो ट्रंप ने अपने साथ मोदी को भी वर्ल्ड लीडर बताया.

इस दौरान ट्रंप ने कहा था, 'भारत के प्राइम मिनिस्ट मोदी एक ऐसे महान प्रधानमंत्री हैं जिनके बारे में मैंने काफी पढ़ा है कि उन्होंने महान कार्य किए हैं. आर्थिक और दूसरे कई क्षेत्रों में बेहतर काम के लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं.'

इस पहली मुलाकात के बाद व्हाइट हाउस विदा होते वक्त प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप दोनों एक बार फिर से गले मिले.

इसके बाद दोनों नेताओं में मुलाकातों का सिलसिला शुरु हो गया. दोनों जितनी बार मिले दोस्ती और बुलंद होती गई. पहली मुलाकात के एक महीने बाद ही, जुलाई 2017 में पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात जर्मनी के जी--20 समिट के दौरान हुई.

दोनों शिखर सम्मेलन से लेकर बर्लिन के म्यूजिकल कन्सर्ट में भी शरीक हुए. जी 20 शिखर सम्मेलन में संवाद के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर हाथ हिलाया और उनके पास आये. दूसरे नेता भी वहां इकट्ठा हो गए.

इसी साल नवंबर में फिलीपीन्स की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई और दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर भरोसा जताया और दोनों देशों के संबंधों को नए मुकाम तक पहुंचाने की उम्मीद जताई.

इसके बाद एक लंबे अंतराल के बाद अगले साल 2018 के नवंबर में मोदी और ट्रंप एक बार फिर जी-20 समिट में मिले. अर्जेंटीना के ब्यूनो आयर्स में इस बार मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ त्रिपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया था. जिसमें कई ग्लोबल मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा हुई थी.

..और मोदी ने ट्रंप का पकड़ लिया हाथ

26 अगस्त को जब फ्रांस में नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप मिले तो मोदी-ट्रंप की यारी का एक और बेहतरीन पल सबके सामने आ गया. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कुछ हंसी-मजाक के पल को भी कैमरे में कैद कर लिया गया. संवाददाताओं से बात करने के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच जबरदस्त बॉन्डिंग देखने को मिली. एक मौका ऐसा भी आया जब दोनों नेता एक दूसरे का हाथ पकड़कर ठहाका लगाने लगे. इसी दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप का हाथ पकड़ लिया और प्यार से थपकी दी.