17 विधायक आज भाजपा में होंगे शामिल, पार्टी की पांचों अंगुलियां घी में

 कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वत्थनारायण सी एन ने कहा, अयोग्य विधायकों ने भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है. पार्टी में शमिल होने के लिए उनका स्वागत है.

17 विधायक आज भाजपा में होंगे शामिल, पार्टी की पांचों अंगुलियां घी में

बेंगलुरुः कर्नाटक के कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के 17 अयोग्य विधायकों को चुनाव लड़ने की सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद एक नई खबर आई है. जानकारी मिली है कि 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले ही यह सभी नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि 14 नवंबर को सभी नेता बीजेपी में शामिल होंगे. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वत्थनारायण सी एन ने कहा, अयोग्य विधायकों ने भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है. पार्टी में शमिल होने के लिए उनका स्वागत है.’ उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह 10:30 बजे बेंगलुरु में वह मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नलिन कुमार कतील की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो रहे हैं. ऐसे में भाजपा अब उस स्थिति में पहुंच गई है, जहां उसकी पांचों अंगुलियां घी में हैं.

संगठन महासचिव से दिल्ली में की मुलाकात
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा ने कहा, आखिरी फैसला यह है कि ये विधायक चुनाव लड़ सकेंगे. ऐसे में अब स्पीकर का आदेश रद्द हो गया है. अयोग्य करार देना महज अदालती टिप्पणी है. अश्वत्थनारायण के साथ कुछ अयोग्य विधायकों ने फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी के संगठन महासचिव बी एल संतोष से नई दिल्ली में मुलाकात की. उन्होंने बताया कि पार्टी नेता और आयोग्य विधायक मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से गुरुवार को मुलाकात करेंगे और भविष्य की योजना के बारे में निर्णय करेंगे. 

 सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायकों को तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार की ओर से अयोग्य करार दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा लेकिन उन्हें 5 दिसंबर को होने वाला उपचनुाव लड़ने की अनुमति दे दी है. अभी 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, क्योंकि 2 सीटों- मस्की और राजराजेश्वरी से संबंधित याचिकाएं कर्नाटक हाई कोर्ट में पेंडिंग हैं. दरअसल, कुछ महीने पहले अपने ही विधायकों के पाला बदलने से कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार गिर गई थी. विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने में विफल रहने पर कुमारस्वामी सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था. स्पीकर ने 17 विधायकों को अयोग्य करार दिया तो भाजपा ने आसानी से सरकार बना ली. ऐसा इसलिए हुआ कि विधायकों को अयोग्य करार देने के बाद 224 सदस्यों वाली विधानसभा की संख्या 207 हो गई और बहुमत 104 पर आ गया. भाजपा के पास 106 विधायकों का समर्थन था, जिसमें उसके 105 विधायक थे और एक अन्य. ऐसे में भाजपा को सरकार बनने में कोई दिक्कत नहीं हुई

उपचुनाव होने के बाद ऐसे होंगे समीकरण

कर्नाटक में 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. ऐसे में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ जाएगी. इसी के साथ एक बार फिर बहुमत का आंकड़ा भी बढ़ेगा. येदियुरप्पा सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए जरूरी है कि 15 सीटों के उपचुनावों में भाजपा किसी भी स्थिति में 6 सीटें जरूर जीते.

इस समय विधानसभा की 207 सीटों में से भाजपा के पास 106 सीटें हैं. 15 विधायकों के जुड़ने से यह संख्या 207 से बढ़कर 222 हो जाएगी. इस तरह भाजपा को बहुमत के  लिए 112 सीटें और चाहिए होंगीं. 

एक और सुप्रीम फैसला. RTI के दायरे में मुख्य न्यायधीश का कार्यालय