अवैध कॉलोनी बिलः भाजपा ने बना ली दिल्ली के दिल में राह, केजरीवाल देखते रह गए

आगामी दिनों में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार होती दिख रही है. सीएम केजरीवाल जिस अवैध कॉलोनी के मामले को अपने लिहाज से बड़ा मुद्दा बनाने का प्लान कर रहे थे. संसद में बिल पास कर भाजपा ने पूरा मुद्दा ही खत्म कर दिया. अब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इसे केवल राजनीतिक स्टंट बता-बता कर विरोध कर सकती हैं.  

अवैध कॉलोनी बिलः भाजपा ने बना ली दिल्ली के दिल में राह, केजरीवाल देखते रह गए

नई दिल्लीः दिल्ली में चुनाव की तारीखें अभी नहीं आई हैं, लेकिन सियासी गली में इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है. भाजपा-और आम आदमी पार्टी अपने-अपने तरीके से इसके लिए जुटी हैं. इसी कड़ी में दिल्ली चुनाव के लिहाज से भाजपा के हाथों एक बड़ी उपलब्धि आई है.

भाजपा ने पूरा किया अपना वादा
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को लेकर इसी साल अक्टूबर महीने में जो बड़ा ऐलान किया था, वह पूरा कर दिया है.

बुधवार को अवैध कॉलोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक दिलाने वाला बिल (दिल्ली की अवैध कॉलोनियों का नियमन) राज्यसभा से भी पास हो गया है. पिछले सप्ताह ही इस बिल को लोकसभा से पास किया गया था.

इस बिल के पास हो जाने के बाद अब दिल्ली के 1,797 कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक मिल जाएगा.

इस तरह केजरीवाल के हाथ से मुद्दा निकल गया
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के सभी सांसदों ने बिल पास कराने को लेकर प्रदर्शन किया था. आप नेताओं ने आरोप लगाया था कि 23 अक्टूबर को मोदी कैबिनेट ने जो प्रस्ताव पास किया था वह सिर्फ दिखावटी था.

 दरअसल अक्टूबर में कैबिनेट मीटिंग में अवैध कॉलोनियों को पक्का करने को लेकर मंजूरी मिली थी. 

इस फैसले के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था, 'आज दिल्ली की आबादी दो करोड़ से अधिक है. 11 साल पहले 2008 में इसके लिए कोशिश हुई थी. दिल्ली सरकार काम को लटका रही थी. 2018 में जब उन्होंने और दो साल का समय मांगा तो साबित हो गया कि इस पर केंद्र सरकार को ही कदम बढ़ाने होंगे.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा दांव
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली में रहने वाले 40 लाख लोगों को फायदा पहुंचेगा. इन कॉलोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक देने की घोषणा के साथ ही भाजपा ने एक बड़ा दांव दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चल दिया है. 

इस फैसले के बाद अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी बिजली, पानी का स्थायी मीटर और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा. सड़क, नाले और गली की लाइट की व्यवस्था के साथ नगर निगम की सारी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी. बच्चों को खेलने के लिए पार्क, सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी मिलनी शुरू हो जाएंगी. 

दिल्ली की ये 1,797 कॉलोनियां 175 वर्ग किलोमीटर में फैली हैं.

एलजी बैजल भी दे चुके हैं मंजूरी
राजनीतिक पंडितों के अनुसार संसद में बिल पास हो जाने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी बड़ा असर पड़ सकता है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी इसे नियमित करने की मंजूरी पहले ही दे दी थी. 

साथ ही एलजी ने अवैध कॉलोनियों के मामलों में दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम के मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया था. इसके अलावा राजधानी के 79 गांवों के शहरीकरण को भी मंजूरी दी गई थी. अब अवैध कॉलोनियों में रहने वालों को उनके घरों के कागजात मिल जाएंगे. अब लोग आसानी से घर खरीद बेच सकेंगे.

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